शरद पवार (सौ. सोशल मीडिया ) 
पुणे

Sharad Pawar का बड़ा बयान, कश्मीरी जनता कभी पड़ोसी देशों का साथ नहीं देगी

NCP चीफ शरद पवार ने हाल ही में Pune में कश्मीरी लोगों के लिए बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा है कि पड़ोसी देश पाकिस्तान चाहे जो कर लें, कश्मीर के लोग कभी भी उनका साथ नहीं देने वाले हैं।

अपूर्वा नायक

Pimpri News In Hindi: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार ने बुधवार को पुणे में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि पड़ोसी देश कुछ भी कर लें, कश्मीरी जनता कभी उनका साथ नहीं देगी।

उन्होंने देश की सेवा में कश्मीरी जनता के बड़े योगदान की सराहना करते हुए कहा कि पड़ोसी देशों ने वहां अराजकता और हिंसा फैलाई, लेकिन कश्मीरी जनता ने बार-बार यह साबित किया है कि वे देश का अविभाज्य अंग हैं। शरद पवार ने कश्मीरी जनता के प्रयासों के लिए 'सरहद' जैसे संगठनों की भी सराहना की और कहा कि सरहद ने यह दिखा दिया है कि पूरा देश कश्मीर के साथ खड़ा है।

पवार, कश्मीर के वरिष्ठ विचारक, सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद् विजय दुर्गाप्रसाद घर के नाम पर सरहद ग्लोबल स्कूल और जूनियर कॉलेज परिसर में बने 'विजय धर एम्फी थिएटर' के उद्घाटन के मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। यह कार्यक्रम बुधवार को कात्रज क्षेत्र के गुजरवाड़ी स्थित सरहद संस्थान के शैक्षणिक परिसर में आयोजित किया गया था।

इस मौके पर पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री सुशीलकुमार शिंदे, विजय धर, कविता धर, बेटी कनिका धर, सरहद संस्थान के संजय नहार, प्राचार्यों सुषमा नहार, संतसिंग मोखा, डॉ शैलेश पगारिया, शैलेश वाडेकर, आर्किटेक्ट इमरान शेख और वसंत मोरे उपस्थित थे।

पवार ने कहा- पुणे ने देश को एक नया रास्ता दिखाया

पवार ने कहा कि पुणे ने देश को एक नया रास्ता दिखाया है। पुणे शिक्षा, उद्योग, संस्कृति और आईटी जैसे कई क्षेत्रों में एक आदर्श शहर है। इसी पुणे से लोकमान्य तिलक ने देश की जनता को एकजुट करने का काम किया था। पुणे में कई ऐसे संस्थान है जिन्होंने अपने कार्य के 100 साल पूरे कर लिए है।

सब ने समझी जिम्मेदारी

पवार ने कहा कि कश्मीर की स्थिति लंबे समय तक अस्थिर, अशांत और चिंताजनक थी। जिससे शिक्षा क्षेत्र को नुकसान हुआ। लेकिन विजय धर और सरहद जैसे संगठनों ने अपनी सामाजिक जिम्मेदारी समझते हुए इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण काम किया है। कश्मीर भारत का हीरा है। कश्मीर हमारे देश का अविभाज्य अंग है और हमेशा रहेगा। वसुशील कुमार शिंदे ने कहा कि उनका विजय धर से परिचय 1974 में शरद पवार ने ही कराया था।

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