पुणे मनपा वार्ड समिति सोर्स- सोशल मीडिया
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पुणे मनपा में नेताओं की सेटिंग खत्म! वार्ड समितियों में अब नहीं चलेंगे राजनीतिक कार्यकर्ता

Pune Municipal Corporation: पुणे मनपा की 15 वार्ड समितियों में अब राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बजाय सामाजिक और NGO प्रतिनिधियों को मनोनीत किया जाएगा। कुल 45 सदस्यों की नियुक्ति होगी।

अंकिता पटेल

Pune Municipal Corporation Ward Committees: पुणे महानगर पालिका (पीएमसी) की वार्ड समितियों में राजनीतिक कार्यकर्ताओं के मनोनयन की वर्षों पुरानी परंपरा पर इस बार ब्रेक लगने जा रहा है। मनपा प्रशासन ने वार्ड समितियों में मनोनीत सदस्यों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब राजनीतिक दलों से जुड़े कार्यकर्ताओं के बजाय पंजीकृत सामाजिक एवं गैर-सरकारी संस्थाओं (एनजीओ) के प्रतिनिधियों को मौका दिया जाएगा।

प्रशासन के इस फैसले से राजनीतिक कार्यकर्ताओं को बड़ा झटका लगा है, जबकि सामाजिक संस्थाओं के लिए मनपा की निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी का रास्ता खुला है। 2025-26 के आम चुनाव के लिए शहर में 41 वार्ड बनाए गए थे। इन वार्डों को 15 क्षेत्रीय कार्यालयों से जोड़ा गया और इनके आधार पर 15 वार्ड समितियां गठित की गई हैं। प्रत्येक समिति में अधिकतम तीन गैर सरकारी एवं समाजोपयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि मनोनीत होंगे। इस तरह कुल 45 सदस्यों की नियुक्ति की जाएगी।

आवेदनों की जांच के बाद नगरसेवक करेंगे चयन

आवेदनों की जांच के बाद संबंधित वार्ड समिति के नगरसेवक प्रतिनिधियों का चयन करेंगे। सहमति नहीं बनने पर बहुमत से फैसला होगा। अधूरे दस्तावेज, गलत जानकारी या वार्ड क्षेत्र से बाहर की संस्था का आवेदन सहायक आयुक्त रद्द कर सकेंगे। विवाद की स्थिति में मनपा आयुक्त का निर्णय अंतिम होगा।

18 अगस्त से आवेदन शुरू

इच्छुक संस्थाओं को 18 अगस्त से 1 सितंबर तक आवेदन मिलेंगे। आवेदन 4 सितंबर तक व्यक्तिगत रूप से जमा करना होगा। डाक से भेजे आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। बता दें कि भाजपा को भारी बहुमत मिलने के बाद कई कार्यकर्ता विभिन्न मनोनीत पदों की उम्मीद लगाए बैठे थे। नए नियमों से उनकी उम्मीदों को झटका लगा है।

राजनीतिक कार्यकर्ताओं के लिए लागू होंगे कड़े नियम

मनपा में अब तक चुनाव के बाद राजनीतिक समीकरणों के तहत नाराज या सक्रिय कार्यकर्ताओं को मनोनीत सदस्य बनाकर 'पुनर्वास' दिए जाने की चर्चा होती रही है। इस बार प्रशासन ने इस पर रोक लगाने के लिए पात्रता की शर्ते कड़ी की है।

संस्था का मुंबई सार्वजनिक न्यास अधिनियम, 1950 या सोसायटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 के तहत पंजीकृत होना जरूरी है।

पिछले लगातार तीन वर्षों के ऑडिटेड वित्तीय विवरण और कार्य रिपोर्ट चैरिटी कमिश्नर के पास जमा होना अनिवार्य है।

इसके साथ ही आवेदक किसी राजनीतिक दल का पदाधिकारी या केंद्र, राज्य सरकार, मनपा अथवा स्थानीय निकाय का कर्मचारी नहीं होना चाहिए, संबंधित वार्ड का पंजीकृत मतदाता होना भी जरूरी है।

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