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आचार संहिता के बीच पुणे मनपा का बड़ा फैसला, 20 से अधिक अत्यावश्यक प्रस्तावों को मंजूरी

Pune Municipal Corporation: विधान परिषद चुनाव की आचार संहिता के बीच पुणे मनपा स्थायी समिति ने जलापूर्ति, स्वास्थ्य और कचरा प्रबंधन से जुड़े 20 से अधिक अत्यावश्यक प्रस्तावों को मंजूरी दी है।

रूपम सिंह

PMC Standing Committee Approval Essential Services: विधान परिषद चुनाव की आचार संहिता लागू होने के बीच पुणे मनपा की अत्यावश्यक सेवाओं से जुड़े 20 से अधिक प्रस्तावों को स्थायी समिति ने मंजूरी दी है।

इनमें जलापूर्ति, पंपिंग व्यवस्था, विद्युत उपकरणों की मरम्मत, ठोस कचरा प्रबंधन, स्वास्थ्य तथा विभिन्न रखरखाव के काम शामिल हैं। मनपा आयुक्त नवल किशोर राम के साथ चर्चा के बाद इन आवश्यक सेवाओं से जुड़े प्रस्तावों को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया।

स्थायी समिति अध्यक्ष श्रीनाथ भिमाले के अनुसार, आचार संहिता के कारण अत्यावश्यक सेवाओं पर असर न पड़े, इसके लिए प्रशासन से चर्चा की गई।

प्रशासन ने जलापूर्ति, जल वाहिनियों, पंपिंग और स्वास्थ्य जैसी आवश्यक सेवाओं के कामों को मंजूरी देने में बाधा नहीं होने की जानकारी दी। इसके बाद संबंधित प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

जलापूर्ति व्यवस्था के कई काम

स्वारगेट जलापूर्ति कार्यालय के अंतर्गत गुजरवाड़ी फाटा, कात्रज-कोंढवा रोड, गुजर-निंबालकरवाड़ी और नए धायरी क्षेत्र में जल वाहिनियों की मरम्मत और रखरखाव के काम मंजूर किए गए हैं। इसके अलावा बालाजीनगर और

काशीनाथ पाटीलनगर की जल वितरण व्यवस्था तथा पुणे खडकवासला, नांदेड, किरकटवाड़ी, सणसनगर, नांदोशी और नए शामिल नरहे क्षेत्र की जलापूर्ति से जुड़े काम भी शामिल हैं।

पंप और बिजली व्यवस्था पर जोर

मुंढवा जैकवेल और पंप हाउस में पंप क्रमांक 5 और 8 के स्पेयर पार्ट उपलब्ध कराने तथा मरम्मत के लिए करीब 49 लाख और 88 लाख रुपये के प्रस्ताव मंजूर किए गए। मोटर, ट्रांसफॉर्मर और स्टार्टर समेत विद्युत उपकरणों के रखरखाव के काम भी स्वीकृत हुए हैं। इसके साथ ही पुराने लष्कर जलकेंद्र तथा नए होलकर और चिखली जलकेंद्रों के वीटी पंपों की मरम्मत का काम भी मंजूर किया गया है।

इन कामों का उद्देश्य जलापूर्ति व्यवस्था में तकनीकी खराबी के कारण होने वाले व्यवधान को कम करना है। ठोस कचरा प्रबंधन से जुड़े प्रस्तावों में विभिन्न कचरा प्रक्रिया केंद्रों से निकलने वाले रिजेक्ट कचरे को वैज्ञानिक लैंडफिल तक पहुंचाने के लिए हाइवा टिपर उपलब्ध कराने का करीब 79।94 लाख रुपये का काम शामिल है।

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