मुंबई में डायबिटीज का बढ़ता खतरा, हर 5वां व्यक्ति पीड़ित, BMC अस्पतालों की जांच प्रक्रिया पर उठे सवाल

Mumbai Health News: मुंबई में हर पांचवां व्यक्ति डायबिटीज से पीड़ित है। बीएमसी के डायबिटीज फ्री मुंबई अभियान के बीच मरीजों ने अस्पतालों की जांच प्रक्रिया में खामियों की शिकायत की है।
Rising threat of diabetes in Mumbai: One in five people affected
मुंबई बीएमसी, डायबिटीज फ्री अभियान सोर्स- सोशल मीडिया
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Mumbai BMC Diabetes Free Campaign Health Camps: मुंबई शहर में डायबिटीज के बढ़ते मामलों ने बीएमसी के स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। बीएमसी की रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई में हर पांचवां व्यक्ति डायबिटीज से प्रभावित बताया गया है।

एक ओर मनपा प्रशासन स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त व्यवस्था होने का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर मरीजों ने जमीनी स्तर पर जांच और इलाज से जुड़ी कई परेशानियां बताई हैं।

जांच प्रक्रिया को लेकर मरीजों की शिकायत

डायबिटीज के मरीजों के अनुसार, सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की उपलब्धता होने के बावजूद जांच प्रक्रिया आसान नहीं है। क्लीनिकों में ग्लूकोमीटर से होने वाली सामान्य जांच नए मरीजों के लिए पर्याप्त नहीं होने की शिकायत सामने आई है। ऐसे में कई मरीजों को आगे की जांच के लिए बड़े अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।

कुछ मरीजों ने फास्टिंग और पोस्ट-लंच ब्लड शुगर टेस्ट की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि निर्धारित समय के अनुरूप सैंपल लेने के बजाय कई बार जल्द नमूना ले लिया जाता है, जिससे जांच रिपोर्ट प्रभावित होने की आशंका रहती है।

लंबी कतारों से मरीज परेशान

मरीजों ने अस्पतालों में लंबी कतारों और परामर्श प्रक्रिया को लेकर भी असंतोष जताया है। कुछ मरीजों का कहना है कि डॉक्टरों की ओर से उनकी डाइट और खान-पान की जानकारी पर्याप्त रूप से नहीं ली जाती। इन समस्याओं के चलते कई मरीज सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों के बजाय निजी क्लीनिकों का विकल्प चुनते हैं।

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डायबिटीज फ्री मुंबई अभियान जारी

दूसरी ओर, बीएमसी की ओर से ‘डायबिटीज फ्री मुंबई’ अभियान भी चलाया जा रहा है। अभियान के तहत मुंबई के अलग-अलग हिस्सों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। अब तक 287 हेल्थ कैंप में 79 हजार से अधिक नागरिकों के शामिल होने की जानकारी दी गई है।

मुंबई शहर भाजपा अध्यक्ष अमित साटम के अनुसार, अभियान का उद्देश्य मुंबईकरों के बीच स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और बेहतर स्वास्थ्य को प्रोत्साहित करना है।

सुविधाओं और जमीनी व्यवस्था के बीच अंतर

डायबिटीज की रोकथाम और शुरुआती जांच के लिए बड़े स्तर पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। हालांकि, मरीजों की शिकायतों से यह सवाल भी सामने आता है कि कैंप और अभियान के साथ नियमित मुंबई बीएमसी क्लीनिकों में जांच प्रक्रिया को कितना सरल और मरीजों के अनुकूल बनाया जा रहा है। मरीजों की सुविधा के लिए जांच व्यवस्था, समय प्रबंधन और परामर्श प्रक्रिया को बेहतर बनाने की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है।

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