MPSC Protest SM Joshi Bridge: महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) की परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, परीक्षा पद्धति और आयोग के कामकाज को लेकर शुरू हुआ विद्यार्थियों का आंदोलन शुक्रवार को दो गुटों में बंट गया। पुणे में एक गुट लालबहादुर शास्त्री रोड पर, जबकि दूसरा एस. एम. जोशी पुल के पास धरने पर बैठा। दोनों स्थानों पर विद्यार्थियों ने एमपीएससी की परीक्षाएं ऑब्जेक्टिव पद्धति से ही कराने की मांग दोहराई। आंदोलन के बीच विभिन्न राजनीतिक नेताओं के पहुंचने से दिनभर शहर में इस मुद्दे को लेकर माहौल गरम रहा।
एस. एम. जोशी पुल के पास राष्ट्रवादी कांग्रेस के विधायक रोहित पवार के नेतृत्व में विद्यार्थियों का आंदोलन जारी रहा। सांसद सुप्रिया सुले ने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर विद्यार्थियों से बातचीत की और उनकी मांगों का समर्थन किया। कांग्रेस विधायक विश्वजीत कदम ने भी विद्यार्थियों से चर्चा कर उनकी समस्याएं जानीं। कांग्रेस के पुणे शहर अध्यक्ष प्रशांत जगताप, नगरसेविका रुपाली पाटील-ठोंबरे और महापालिका में कांग्रेस के गुटनेता चंदूशेठ कदम ने भी आंदोलन स्थल पर पहुंचकर विद्यार्थियों से संवाद किया।
एस. एम. जोशी पुल के पास आंदोलन कर रहे विद्यार्थियों ने एमपीएससी अध्यक्ष विवेक भिमनवार के इस्तीफे की मांग की है। विद्यार्थियों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए और ऑब्जेक्टिव-सब्जेक्टिव परीक्षा को लेकर बना भ्रम दूर किया जाना चाहिए। पेपर लीक के आरोप, परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव और परीक्षा पद्धति को लेकर विद्यार्थियों में नाराजगी है।
पुणे में आंदोलन के दो अलग-अलग स्थानों पर होने से विद्यार्थियों के बीच मतभेद सामने आए हैं। हालांकि, दोनों गुटों की प्रमुख मांग परीक्षा को ऑब्जेक्टिव पद्धति से कराने की ही है। आंदोलन में राजनीतिक नेताओं की बढ़ती मौजूदगी के कारण इसे लेकर राजनीतिक रंग चढ़ने की चर्चा भी शुरू हो गई है।
अब विद्यार्थियों की नजर एमपीएससी और राज्य सरकार की अगली भूमिका पर है। परीक्षा कार्यक्रम, परीक्षा पद्धति और पेपर लीक से जुड़े सवालों पर आयोग क्या निर्णय लेता है, यह महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि विद्यार्थियों की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री और संबंधित विभागों से लगातार चर्चा की जाएगी। विद्यार्थियों की मांग एमपीएससी अध्यक्ष के इस्तीफे के साथ आयोग की पूरी बॉडी को भंग करने की भी है। परीक्षा कार्यक्रम, पेपर लीक और ऑब्जेक्टिव-सब्जेक्टिव परीक्षा को लेकर बना भ्रम दूर करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि आंदोलन स्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस तैनात है, लेकिन इसमें पुलिस की गलती नहीं है। विद्यार्थियों से आंदोलन जारी रखने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि वे मजबूती से अपनी मांग रखें, लेकिन उपोषण न करें। उन्होंने विद्यार्थियों को हरसंभव साथ देने का आश्वासन भी दिया।
विधायक धनंजय मुंडे ने कहा कि आंदोलन स्थल पर पहुंचने से पहले उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से फोन पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने परीक्षाएं निर्धारित समय पर कराने और परीक्षाओं की संख्या बढ़ाने के संबंध में सकारात्मक निर्णय लेने का आश्वासन दिया है। साथ ही परीक्षाएं ऑब्जेक्टिव पद्धति से कराने की बात भी कही है।
मुंडे ने कहा कि यदि विद्यार्थियों के साथ अन्याय हो रहा है तो सरकार को उनकी मांगों पर ध्यान देकर समस्या का समाधान करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि एमपीएससी अध्यक्ष और सचिव के इस्तीफे की मांग वे स्वयं भी कर चुके हैं।
नवभारत लाइव के लिये समीर सय्यद की रिपोर्ट