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रोहित पवार ने कहा कि आंदोलन को लेकर कार्रवाई करनी है तो विद्यार्थियों के बजाय उन पर मामला दर्ज किया जाए।
MPSC विद्यार्थियों पर दर्ज मामले रद्द करने और संबंधित पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की गई।
आंदोलन के 10वें दिन रोहित पवार विश्रामबाग पुलिस थाने पहुंचे।
SIR और चुनाव आयोग के विरोध में हुए अलग प्रदर्शन में 88 आंदोलनकारियों को हिरासत में लिया गया।
Rohit Pawar MPSC Students: महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) के अध्यक्ष के इस्तीफे सहित विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे विद्यार्थियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरदचंद्र पवार के विधायक रोहित पवार ने विद्यार्थियों पर मामले दर्ज किए जाने को लेकर पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला है।
आंदोलन के 10वें दिन विश्रामबाग पुलिस थाने पहुंचे रोहित पवार ने साफ कहा कि यदि आंदोलन को लेकर मामला दर्ज करना ही है तो विद्यार्थियों के बजाय उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने विद्यार्थियों पर दर्ज मामले रद्द करने और संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग मुख्यमंत्री से की। पुणे के एस।एम।
जोशी पुल पर एमपीएससी अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे सहित विभिन्न मांगों को लेकर विद्यार्थियों का आंदोलन पिछले 10 दिनों से जारी है। रोहित पवार का आरोप है कि पुलिस आंदोलन के आयोजकों और विद्यार्थियों को जानबूझकर परेशान कर रही है। उन्होंने पुणे पुलिस आयुक्त की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर विद्यार्थियों के खिलाफ मामले किसके आदेश पर दर्ज किए जा रहे हैं।
मैंने पुलिस से पहले ही कहा था कि विद्यार्थियों पर कार्रवाई करने के बजाय मुझ पर मामला दर्ज करें, विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर न लगाएं, फिर भी उनके खिलाफ मामले दर्ज किए जा रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब किसानों के बच्चों को अपराधियों और जासूसों की तरह पेश किया जा रहा है। रोहित ने मांग की कि विद्यार्थियों के खिलाफ दर्ज मामले रद्द किए जाएं और संबंधित धाराएं उनके खिलाफ लगाई जाएं।
एसआईआर और चुनाव आयोग की भूमिका के विरोध में शनिवार को शनिवारवाड़ा परिसर में प्रदर्शन कर रहे 88 आंदोलनकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उन्हें पुलिस थाने ले जाया गया, जहां प्रदर्शनकारियों ने विरोध जताया।
वहीं, थाने के बाहर जमा समर्थकों ने नारेबाजी कर पुलिस कार्रवाई का विरोध किया, प्रदर्शनकारियों ने शनिवारवाड़ा से जिलाधिकारी कार्यालय तक रैली निकालने की अनुमति मांगी थी।
आंदोलन को लेकर पुलिस की कार्रवाई के दो मामले सामने आए हैं। इससे पहले अनुमति रद्द होने के बावजूद प्रदर्शन करने के मामले में महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग विद्यार्थी प्रतिनिधियों सहित 15 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
वहीं, आंदोलनस्थल पर बिना अनुमति ड्रोन उड़ाकर शूटिंग करने के मामले में विश्रामबाग पुलिस ने 5 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और ड्रोन जब्त किया है। पुलिस हवलदार युवराज भारत टोले की शिकायत पर दिगंबर भारत खारे, प्रमोद पाटिल, शिवराज मोरे, ऋषिकेश गांगुर्डे और अक्षय कांबले के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
एमपीएससी अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे की मांग पूरी होने तक पीछे हटने का सवाल ही नहीं है। विद्यार्थियों के न्यायसंगत अधिकारों के लिए यह लड़ाई आगे भी पूरी ताकत से जारी रहेगी आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि इसे और तेज किया गया है।डॉ. विश्वजीत कदम, विधायक