Pune Student Protest Supriya Sule: महाराष्ट्र के पुणे में छात्रों के अधिकारों और MPSC परीक्षा के पेपर लीक मामले के खिलाफ एक विशाल विद्यार्थी आक्रोश मोर्चा का आयोजन किया गया। इस बड़े विरोध प्रदर्शन में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरदचंद्र पवार गुट की नेता सुप्रिया सुले ने खुद जमीन पर उतरकर छात्रों का समर्थन किया।
इस अवसर पर उन्होंने आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरदचंद्र पवार गुट इस आंदोलन और छात्रों की मांगों का पूरी तरह से समर्थन करती है।
आंदोलनकारी छात्रों ने अपनी 12 मांगों को लेकर इस आंदोलन की शुरुआत की है। सुप्रिया सुले ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि देश के ये युवा छात्र बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। उन्होंने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह अत्यंत आवश्यक है कि सरकार इन आंदोलनकारी छात्रों के साथ बैठकर चर्चा करे और इस संकट का कोई उचित मार्ग या समाधान खोजे।
सुले ने छात्रों के संघर्ष पर गहरी सहानुभूति व्यक्त करते हुए कहा कि इन युवाओं का मुख्य ध्येय केवल पढ़ाई करना और देश की सेवा करना है। लेकिन, आज के समय में यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक परिस्थिति है कि उन्हें अपनी पढ़ाई छोड़कर सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि आज इन होनहार छात्रों को अपने हक के लिए इस तरह आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ रहा है, तो यह सीधे तौर पर वर्तमान सरकार की एक बड़ी विफलता को दर्शाता है।
इस आंदोलन के मंच से सुप्रिया सुले ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण और आधुनिक सुझाव भी सरकार के सामने रखा। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में पेपर लीक जैसी गंभीर और संवेदनशील घटनाओं को रोकने के लिए AI और अन्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग करना बेहद जरूरी हो गया है। तकनीक के माध्यम से ही परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जा सकता है।
इसके साथ ही, उन्होंने सरकार से मांग की कि छात्रों की वास्तविक भावनाओं, उनकी चिंताओं और उनके गुस्से को गहराई से समझने के लिए सरकार को तुरंत किसी जिम्मेदार व्यक्ति को भेजना चाहिए जो छात्रों के साथ सीधी चर्चा कर सके।
पुणे में आयोजित इस 'विद्यार्थी आक्रोश मोर्चा' में छात्रों का भारी जनसैलाब देखने को मिला। इस आंदोलन को समाज के विभिन्न वर्गों और राजनीतिक नेतृत्व का भी व्यापक साथ मिला। इस महत्वपूर्ण प्रदर्शन के दौरान सुप्रिया सुले के साथ पूर्व मंत्री विश्वजीत कदम, विधायक रोहित पवार, पूर्व विधायक मोहन जोशी, महेबुब शेख और मनाली भिलारे जैसे प्रमुख नेता भी मंच पर और सड़कों पर उपस्थित रहे। इनके अलावा, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षा मार्गदर्शक, छात्र संगठन और अत्यंत भारी संख्या में आम छात्र इस मोर्चे में अपनी आवाज बुलंद करने के लिए शामिल हुए।
छात्रों और विपक्षी नेताओं का यह साझा मंच अब सरकार पर दबाव बनाने में पूरी तरह से सफल दिखाई दे रहा है, जहां मुख्य मांग यही है कि सरकार अपनी हठधर्मिता छोड़कर तुरंत संवाद स्थापित करे।