मोशी कचरा डिपो में इमारत ढही (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)  
पुणे

Moshi Building Collapse: कचरे के ढेर में दबे 8 लोग अब भी भगवान भरोसे, दिन-रात जारी रेस्क्यू; 1 लाश मिली

Maharashtra Rain Disaster: पिंपरी-चिंचवड के मोशी कचरा डिपो में इमारत पर कचरे का ढेर गिरने से एक की मौत, कई दबे। उधर वसई-विरार में भारी बारिश से बिजली-नेटवर्क ठप, 15 लाख लोग परेशान।

रूपम सिंह

Pimpri Chinchwad Moshi Building Collapse Updates: पिंपरी-चिंचवड के मोशी स्थित घनकचरा प्रबंधन केंद्र में हुई भीषण इमारत दुर्घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। कचरे के विशाल ढेर के दो मंजिला (ग्राउंड + 2) इमारत पर ढह जाने से हुए हादसे में एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हो गई है, जबकि देर रात समाचार लिखे जाने तक 8 लोग मलबे में फंसे हुए थे।

मृतक की पहचान भावेश वाणी (34) के रूप में हुई। घटना के बाद से पिछले 24 घंटे से लगातार युद्धस्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा। प्रशासन 14 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल चुका है। इनमें से एक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

बारिश बनी हादसे की वजह

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मोशी कचरा डिपो में वर्षों से शहर का ठोस कचरा जमा होने से वहां कचरे के विशाल पहाड बन गए है। इसी परिसर में कचरे से बिजली उत्पादन करने वाली कंपनी की 2 मंजिला प्रशासनिक इमारत बनाई गई थी। पिछले तीन-चार दिनों से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश के कारण कचरे का विशाल ढेर खिसककर सीधे इमारत पर आ गिरा, जिससे पूरी इमारत कुछ ही क्षणों में ढह गई।

NDRF, सेना, दमकल की संयुक्त कार्रवाई

एनडीआरएफ, सेना, पुलिस, अग्निशमन विभाग तथा पिंपरी-चिंचवड़ मनपा की संयुक्त टीमें मोर्चे पर डटी हैं। इंजीनियरिंग और चिकित्सा दलों को भी तैनात किया गया है। बचाव दल के सामने बड़ी चुनौती मलबे के नीचे दबे लोगों को बिना नुकसान पहुंचाए बाहर निकालना है।

एनडीआरएफ अधिकारियों के अनुसार, भारी मशीनों का सीधे उपयोग करने से पूरी संरचना और ढह सकती है, जिससे अंदर फंसे लोगों की जान को खतरा बढ़ सकता है। इसीलिए पोकलेन मशीन की सहायता से इमारत के एक हिस्से में सावधानीपूर्वक रास्ता बनाया गया है।

15 लाख लोग 72 घंटे लावारिस

महाराष्ट्र की महायुति सरकार वसई-विरार के इलाके को थर्ड मुंबई के तौर पर विकसित करना चाहती है लेकिन जिस तरह भारी बारिश ने यहां के इंतजाम की कलई खोल कर रख दी है, इससे थर्ड मुंबई के सपने को बड़ा झटका लगा है। सोमवार से शुरू हुई बारिश बुधवार की सुबह तक जारी रही, इस 72 घंटे के दौरान करीब 15 लाख लोग लावारिस की तरह जीने को मजबूर रहे। न तो कोई जनप्रतिनिधि और न ही वसई-विरार मनपा का कोई कर्मचारी लोगों की सुध लेने पहुंचा।

भारी बारिश की वजह से वसई-विरार और नालासोपारा के कई इलाकों में बिजली काट दी गई। करीब 48 घंटे से ज्यादा समय तक बिजली गुल रही। साथ ही मोबाइल नेटवर्क भी गायब हो गया। इस दौरान इस इलाके का बाहरी दुनिया से संपर्क पूरी तरह से टूट गया। लोग मोबाइल नेटवर्क की तलाश में यहां-वहां भटकते हुए दिखाई दिए।

CM विजय के परिसीमन बयान के बीच SC के जस्टिस केएम जोसेफ की बड़ी चेतावनी, बोले- दक्षिण के वोट का मूल्य घटेगा

कावेरी पानी का मुद्दा पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, पीठ बोली- पहले कावेरी प्रबंधन प्राधिकरण के पास जाए तमिलनाडु

राहुल के घर गया दलित का पैसा? कर्नाटक में BJP का हल्लाबोल, मंत्री नागेंद्र के इस्तीफे की मांग, कई नेता डीटेन

मणिपुर के सेनापति जिले में भड़की हिंसा, घरों में लगाई आग, CRPF जवान घायल, चश्मदीद ने बताई खौफनाक दास्तां

तमिलनाडु में मुफ्त योजनाओं का ऐलान, साल में 3 फ्री LPG सिलेंडर, महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स के लिए मुफ्त बस सफर