Pune Municipal Corporation Dengue Campaign: पुणे मानसून के मौसम में डेंगू, जीका, चिकनगुनिया और मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए पुणे महानगरपालिका (पीएमसी) ने विशेष रोकथाम अभियान शुरू किया है। स्वास्थ्य विभाग और कीट नियंत्रण विभाग प्रभावित इलाकों में संयुक्त रूप से कार्रवाई कर रहे हैं। इसके तहत घर-घर जाकर स्वास्थ्य सर्वेक्षण किया जा रहा है, जिसमें बुखार, शरीर दर्द, त्वचा पर चकत्ते और जोड़ों में दर्द जैसे लक्षण वाले लोगों की पहचान की जा रही है।
मनपा ने आशा कार्यकर्ताओं और महिला स्वास्थ्य समितियों के माध्यम से नागरिकों को मच्छरों के प्रजनन को रोकने के उपायों के प्रति जागरूक करना शुरू किया है। लोगों को सप्ताह में एक दिन 'ड्राई डे' मनाने, घर और आसपास पानी जमा न होने देने तथा साफ-सफाई बनाए रखने की सलाह दी जा रही है, ताकि मच्छरों का प्रजनन रोका जा सके।
संदिग्ध मरीजों के समय पर उपचार के लिए मनपा ने निजी डॉक्टरों, पैथोलॉजी लैब और स्वास्थ्य विभाग के बीच समन्वय बढ़ाया है। जिन इलाकों में संक्रमण का खतरा अधिक है, वहां अस्थायी चिकित्सा शिविर भी लगाए जा रहे हैं, ताकि मरीजों की शीघ्र जांच और इलाज सुनिश्चित किया जा सके।
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कीट नियंत्रण विभाग मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करने के साथ-साथ नियमित कीटनाशक छिड़काव कर रहा है। इसके अलावा जल स्रोतों में गप्पी मछलियां छोड़ी जा रही हैं, जो मच्छरों के लार्वा को खाकर उनके प्रजनन पर नियंत्रण रखने में सहायक होती हैं। जीका वायरस से प्रभावित गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी भी की जा रही है।
पुणे मनपा ने आवासीय सोसायटियों, स्कूलों, निर्माण स्थलों और झुग्गी बस्तियों में भी जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि बुखार या अन्य लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय जांच कराएं और मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम में प्रशासन का सहयोग करें। इससे संक्रमण के प्रसार को समय रहते नियंत्रित किया जा सकेगा।