Pune Corporation Naval Kishor Ram: पुणे नगर निगम (PMC) में प्रशासक के कार्यकाल के दौरान 'स-सूची' (S-List) के माध्यम से बेंच, कपड़े के थैले और कचरे की बाल्टी जैसी वस्तुओं की खरीद पर रोक लगाई गई थी। अब पार्षदों द्वारा इस प्रतिबंध को हटाकर दोबारा खरीद शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने मनपा आयुक्त नवल किशोर राम से मुलाकात कर मांग की है कि प्रशासन किसी भी कीमत पर इस फिजूलखर्ची को मंजूरी न दे।
पूर्व में पार्षदों द्वारा 'स-सूची' के तहत बड़े पैमाने पर बेंच, कपड़े के थैले और कचरा डिब्बों की खरीद की जाती थी। हालांकि, इस प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और व्यापक वित्तीय गड़बड़ियों की शिकायतों के कारण इस पर रोक लगा दी गई थी। प्रशासक काल में यह खरीद पूरी तरह से बंद होने के कारण जनता के पैसे का दुरुपयोग रुका हुआ था। मनसे ने आरोप लगाया है कि नए चुने हुए पार्षदों द्वारा फिर से उन्हीं विवादास्पद प्रस्तावों को आगे बढ़ाया जा रहा है।
मनसे के प्रांतीय महासचिव हेमंत संभूस ने आरोप लगाया कि इन टेंडरों के लिए पुणे नगर निगम के मूल बजट में कोई वित्तीय प्रावधान नहीं है। इसके बावजूद अन्य विकास कार्यों का फंड डायवर्ट करके पुरानी और संदिग्ध व्यवस्था को फिर से लागू करने की साजिश रची जा रही है। इससे ठेकेदारों और नगर निगम के संबंधित अधिकारियों के बीच कमिशनखोरी के खेल को बढ़ावा मिलेगा और पुणे शहर के करदाताओं के पैसों की सीधी बर्बादी होगी।
मनसे ने चेतावनी दी है कि यदि नगर निगम प्रशासन ने पार्षदों के इस प्रस्ताव को स्वीकार किया या लागू किया, तो पार्टी नगर निगम मुख्यालय के सामने जोरदार आंदोलन करेगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान मनसे महासचिव हेमंत संभूस के साथ महेश शिर्के, प्रशांत भोलागीर, ऋषि सुतार समेत अन्य प्रमुख पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।