Pune Municipal Corporation: पुणे शहर में गणेशोत्सव के विसर्जन जुलूस के लिए केवल एक दिन इस्तेमाल होने वाले चिकित्सा, शिशु स्तनपान रूम, निरीक्षण और पुलिस कक्षों पर पुणे मनपा 21 लाख रुपये से अधिक खर्च करने जा रही है।
इन अस्थायी कक्षों के लिए चार अलग-अलग टेंडर जारी किए गए हैं। खास बात यह है कि विसर्जन मार्ग के आसपास मनपा की अपनी इमारतें, स्कूल और औषधालय पहले से उपलब्ध हैं।
इसके बावजूद अस्थायी मंडप और कक्षों पर लाखों रुपये खर्च करने की जरूरत क्यों पड़ी, इस पर सवाल उठाते हुए सजग नागरिक मंच ने मनपा आयुक्त को पत्र भेजकर पूरी टेंडर प्रक्रिया रद्द करने की मांग की है। मनपा के परिमंडल पांच के अंतर्गत गणेशोत्सव के दौरान हिरकणी कक्ष, निरीक्षण कक्ष, चिकित्सा कक्ष और पुलिस कक्ष स्थापित करने के लिए चार अलग-अलग निविदाएं जारी की गई हैं।
इनकी कुल अनुमानित लागत 21 लाख रुपये से अधिक है। निविदाएं खोलने की तारीख 21 सितंबर निर्धारित की गई है, जबकि गणेश विसर्जन जुलूस 25 सितंबर को निकाला जाना है यानी आयोजन के महज चार दिन पहले टेंडर खोले जाएंगे।
वहीं, इन कार्यों के लिए दो महीने की अवधि निर्धारित किए जाने से भी मनपा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। सजग नागरिक मंच के अध्यक्ष विवेक वेलणकर ने आयुक्त को भेजे पत्र में कहा है कि विसर्जन जुलूस का प्रमुख मार्ग लक्ष्मी रोड, कुमठेकर रोड, केलकर रोड और तिलक रोड से होकर गुजरता है। इन मार्गों के आसपास मनपा की कई इमारतें उपलब्ध हैं, जिनका जरूरत के अनुसार उपयोग किया जा सकता है।
सजग नागरिक मंच ने मनपा आयुक्त से चारों टेंडर तत्काल रद्द करने तथा विसर्जन मार्ग पर उपलब्ध सरकारी और सार्वजनिक भवनों का उपयोग करने के निर्देश देने की मांग की है।
मंच का कहना है कि उत्सव के नाम पर नए खर्च करने के बजाय पुणे मनपा को पहले से उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी करना चाहिए।