Maharashtra News: मराठवाड़ा क्षेत्र के लोगों का वर्षों पुराना सपना आखिरकार पूरा होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को अहमदनगर-बीड़-परली वैजनाथ ब्रॉडगेज रेल लाइन का उद्घाटन करेंगे। यह दिन ऐतिहासिक होगा क्योंकि इसी दिन मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम दिवस भी मनाया जाता है और संयोग से प्रधानमंत्री मोदी का 75वां जन्मदिवस भी इसी दिन है।
यह रेल परियोजना सेंट्रल रेलवे जोन के तहत तैयार हो रही है। कुल 261.25 किलोमीटर लंबे इस रेलमार्ग पर 23 नए रेलवे स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इसकी अनुमानित लागत करीब 4,958 करोड़ रुपये है। हाल ही में अहमदनगर से नारायणडोह तक 67.78 किलोमीटर का खंड 1,200 करोड़ की लागत से पूरा हुआ है। शेष कार्य भी तेजी से संपन्न किया जा रहा है।
इस नई रेल लाइन से अहमदनगर से बीड़ और परली तक की दूरी अब 4 से 5 घंटे में पूरी की जा सकेगी। अहमदनगर, बीड़, लातूर और परली जैसे जिलों को सीधा रेल संपर्क मिलेगा। इससे मराठवाड़ा क्षेत्र में परिवहन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और आसान होगी।
आर्थिक विकास: यह रेलमार्ग कृषि उत्पादों, खासकर गन्ना और कपास के परिवहन को सरल बनाएगा। इससे स्थानीय किसानों और उद्योगों को सीधा लाभ होगा।
रोजगार: निर्माण और संचालन के दौरान हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
सामाजिक जुड़ाव: बेहतर कनेक्टिविटी से लोगों का आपसी संपर्क बढ़ेगा और क्षेत्र की सांस्कृतिक एकजुटता मजबूत होगी।
मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम दिवस 17 सितंबर, 1948 की याद दिलाता है, जब भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन पोलो’ के जरिए हैदराबाद निजाम के शासन का अंत किया था। अब उसी दिन प्रधानमंत्री मोदी इस रेल परियोजना का शुभारंभ करेंगे। यह कदम न केवल मराठवाड़ा के दशकों पुराने संघर्ष को नई दिशा देगा बल्कि क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा।