फुलेवाडा के विकास के लिए 230 करोड़ रुपये मंजूर।
सभी 36 जिलों में 500 विद्यार्थियों की क्षमता वाले ओबीसी छात्रावास बनेंगे।
OBC के 27% आरक्षित रिक्त पद भरने पर जोर।
11 विभागों की कल्याणकारी योजनाएं महात्मा फुले के नाम से चलेंगी।
Mahatma Phule Jayanti: महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती के अवसर पर पुणे स्थित फुलेवाडा परिसर के समग्र विकास के लिए 230 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देशों के अनुसार, इस योजना के तहत फुलेवाडा परिसर का सौंदर्यीकरण करने के साथ ही आवश्यक भूमि का अधिग्रहण कर पूरे क्षेत्र का कायाकल्प किया जाएगा, यह जानकारी मंत्रिमंडलीय ओबीसी उपसमिति के अध्यक्ष एवं राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने दी।
मंत्रालय में आयोजित उपसमिति की विशेष बैठक की अध्यक्षता बावनकुले ने की। बैठक में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल, जलापूर्ति एवं स्वच्छता मंत्री गुलाबराव पाटील, मृदा एवं जलसंधारण मंत्री संजय राठौड़, अन्य पिछड़ा बहुजन कल्याण मंत्री अतुल सावे सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में महात्मा फुले की जयंती वर्ष के अवसर पर बहुजन और अन्य पिछड़ा वर्ग के कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
ऐतिहासिक भिडेवाडा में क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले के प्रथम बालिका विद्यालय के स्मारक का निर्माण अगले तीन सप्ताह में पूरा करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा राजस्व, जलापूर्ति, वन और सूखा निवारण सहित 11 प्रमुख विभागों की कल्याणकारी योजनाएं महात्मा ज्योतिबा फुले के नाम से संचालित करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए जल्द ही अलग-अलग शासनादेश जारी किए जाएंगे।
महाराष्ट्र राज्य के अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी 36 जिलों में 500 विद्यार्थियों की क्षमता वाले ओबीसी छात्रावास बनाए जाएंगे। इसके लिए राजस्व विभाग की ओर से मात्र एक रुपये की सांकेतिक दर पर जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। एमएसआईडीसी ने इन छात्रावासों का आधिकारिक डिजाइन तैयार किया है।
विमुक्त जातियों और घुमंतू समुदायों को विकास निधि का सीधा लाभ पहुंचाने के लिए ओबीसी बजट से विमुक्त एवं घुमंतू जनजातियों (वीजेएनटी) का बजट अलग करने का निर्णय लिया गया है। दिसंबर में होने वाले विधानसभा सत्र के दौरान वित्त विभाग से इसके लिए अलग बजट मद बनाने की मांग की जाएगी।
मराठा समुदाय के लिए गठित शिंदे समिति की तर्ज पर वीजेएनटी समुदाय का सामाजिक और आर्थिक सर्वेक्षण करने के लिए स्वतंत्र अध्ययन समिति गठित की जाएगी। इसका उद्देश्य इस समुदाय को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।
बैठक में सभी सरकारी विभागों में ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित 27 प्रतिशत रिक्त पदों के बैकलॉग को भरने के लिए तत्काल कदम उठाने पर भी जोर दिया गया। साथ ही, सारथी की तर्ज पर महाज्योति संस्था का विस्तार कर उसे अधिक प्रभावी बनाने का निर्णय लिया गया।
छात्रावासों के निर्माण से संबंधित प्रस्तुतीकरण के दौरान दरों की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए। अगली बैठक में तीन प्रतिष्ठित आर्किटेक्ट के डिजाइन और लागत प्रस्तावों की समीक्षा के बाद छात्रावास निर्माण को अंतिम मंजूरी दी जाएगी।