Agriculture And Livestock Exhibition In Pune: महाराष्ट्र सरकार ने कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एग्री हैकथॉन को राज्यस्तरीय स्थायी योजना के रूप में मंजूरी दे दी है। कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने बताया कि इस पहल से राज्य के सभी नौ कृषि-जलवायु क्षेत्रों की स्थानीय कृषि समस्याओं के तकनीक आधारित समाधान विकसित किए जा सकेंगे।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की घोषणा के अनुसार प्रतियोगिता के सर्वश्रेष्ठ विजेता को दिवंगत पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नाम पर मुख्य पुरस्कार दिया जाएगा। विजेता को 25 लाख रुपये और उपविजेता को 15 लाख रुपये का पुरस्कार मिलेगा।
कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने बताया कि एग्री हैकथॉन प्रतियोगिता में शोधकर्ता, स्टार्टअप, विद्यार्थी, कृषि वैज्ञानिक, इंजीनियर और उद्यमी मिलकर किसानों की समस्याओं के समाधान तैयार करेंगे। हर वर्ष कृषि क्षेत्र की प्रमुख चुनौतियों पर आधारित समस्या-विवरण तय किए जाएंगे और चयनित तकनीकों का खरीफ सीजन में खेतों में परीक्षण होगा। चारों कृषि विश्वविद्यालयों में बारी-बारी से इस प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा तथा सफल तकनीकों का सत्यापन कर व्यापक उपयोग किया जाएगा।
दिवंगत पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की जयंती के अवसर पर 22 जुलाई 2026 से पुणे के कृषि महाविद्यालय में राज्यस्तरीय कृषि एवं पशुधन प्रदर्शनी आयोजित होगी। कृषि मंत्री भरणे ने बताया कि मुख्यमंत्री फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार इसके उद्घाटन में शामिल होंगे।
कृषि एवं पशुधन प्रदर्शनी में आधुनिक कृषि तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), प्राकृतिक एवं जैविक खेती, कृषि प्रसंस्करण, पशुधन विकास और कृषि स्टार्टअप्स से जुड़ी नई तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा। किसानों को विशेषज्ञों के मार्गदर्शन और प्रत्यक्ष प्रदर्शन के माध्यम से नई तकनीकों की जानकारी मिलेगी।
यह भी पढ़ें:- किसानों के लिए बड़ी खबर: नकली बीज-खाद की शिकायत पर 7 दिन में एक्शन, महाराष्ट्र सरकार ने बदला नियम
राज्य सरकार ने बीज, खाद और कीटनाशकों की गुणवत्ता से जुड़ी शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए तालुकास्तरीय शिकायत निवारण समितियों का पुनर्गठन किया है। कृषि मंत्री ने बताया कि शिकायत मिलने के सात दिनों के भीतर खेत पर जांच कर अंतिम रिपोर्ट तैयार की जाएगी। जांच के दौरान संबंधित कंपनी और विक्रेता की उपस्थिति अनिवार्य होगी तथा नमूनों की अधिकृत प्रयोगशालाओं में जांच कर दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अधिक शिकायतें मिलने पर अतिरिक्त समितियां भी गठित की जाएंगी।