पुणे में राजस्व विभाग के साथ धोखधड़ी (प्रतीकात्मक तस्वीर, सोर्स: सोशल AI) 
पुणे

राजस्व विभाग में बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश, नकली सरकारी सील और फर्जी दस्तखत से चल रहा था करोड़ों का खेल

Land Fraud Racket Pune: पुणे के राजस्व विभाग में फर्जी आदेशों के जरिए जमीन के 7/12 रिकॉर्ड बदलने और एनए परमिशन दिलाने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है, जिससे भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया है।

आकाश मसने

Pune Revenue Department Fraud News: महाराष्ट्र के पुणे जिले से सरकारी तंत्र को ठेंगा दिखाने वाली धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां राजस्व विभाग की नाक के नीचे जाली दस्तखत और नकली सरकारी आदेशों के दम पर जमीन का अवैध खेल खेला जा रहा था। इस रैकेट के खुलासे के बाद अब प्रशासनिक गलियारों में खलबली मची हुई है।

पुणे की हवेली तालुका में राजस्व विभाग को धोखा देकर नॉन-एग्रीकल्चरल (NA) परमिशन, जमीन के बंटवारे के रिकॉर्ड, टैक्स असेसमेंट की जानकारी और 7/12 एक्सट्रैक्ट एंट्रीज के लिए नकली सरकारी आदेश बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है।

केसनंद गांव से खुला धोखाधड़ी का खेल

यह मामला तब सामने आया जब 12 मार्च को केसनंद के गांव के राजस्व अधिकारियों को एक पत्र मिला जिस पर एडिशनल तहसीलदार के कथित हस्ताक्षर थे। इसके साथ नॉन-एग्रीकल्चरल परमिशन, जमीन के बंटवारे, टैक्स असेसमेंट की जानकारी और 7/12 एक्सट्रैक्ट एंट्रीज से जुड़े कई आदेश और फाइलें लगी हुई थीं। संबंधित फाइल में बाबासाहेब तुकाराम हरगुडे का नाम आवेदक के तौर पर दर्ज था। हालांकि, दस्तावेजों को लेकर शक होने पर उनकी जांच की गई। जांच में सामने आया कि संबंधित पत्र, आदेश और सरकारी अधिकारियों के कथित हस्ताक्षर नकली थे। रेजिडेंट डिप्टी कलेक्टर ज्योति कदम के नाम से जारी एक कथित नॉन-एग्रीकल्चरल (NA) परमिशन दस्तावेज भी संदिग्ध पाया गया।

क्षेत्राधिकार बदलकर अधिकारियों की आंखों में झोंकी धूल

सबसे बड़ी गड़बड़ी तो यह थी कि केसनंद गांव लोनी कालभोर के एडिशनल तहसीलदार ऑफिस के अधिकार क्षेत्र में आता है, लेकिन पत्राचार हवेली तहसीलदार ऑफिस के साथ दिखाया गया था। शुरुआती जांच से यह भी पता चला है कि रेवेन्यू रिकॉर्ड में छेड़छाड़ करके सरकार को धोखा देने की कोशिश की गई थी। इस बीच, आवेदन करने वाले किसान बाबासाहेब हरगुडे ने आरोप लगाया है कि उन्होंने नॉन-एग्रीकल्चरल परमिट हासिल करने का काम अरुण गायकवाड़ को सौंपा था। हरगुडे ने गायकवाड़ पर धोखाधड़ी और सरकारी तंत्र को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि गायकवाड़ को किश्तों में कुल 35 लाख रुपए का भुगतान किया। उन्होंने वाघोली पुलिस स्टेशन में गायकवाड़ के खिलाफ औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराई है।

कलेक्टर सख्त, गहन जांच के दिए आदेश

पुणे जिला प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और प्रशासन ने अतिरिक्त तहसीलदार के कार्यालय को पुलिस शिकायत दर्ज करने का निर्देश दिया है। चूंकि यह घटना लोनी कालभोर तहसीलदार कार्यालय के अधिकार क्षेत्र में हुई थी, इसलिए तहसीलदार तृप्ति कोल्टे को यह जांचने का आदेश दिया गया है कि क्या ऐसे और भी मामले हैं।

राजस्व विभाग की रिपोर्ट के बाद बड़ी कार्रवाई की तैयारी

सरकार के साथ हुई इस धोखाधड़ी के सामने आने से पूर्वी हवेली इलाके के जमीन माफिया में हड़कंप मच गया है। लोनी कालभोर की अतिरिक्त तहसीलदार तृप्ति कोल्टे ने इस मामले पर जिला कलेक्टर कार्यालय को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपी है। वहीं, रेजिडेंट डिप्टी कलेक्टर ने कहा कि रिपोर्ट मिल गई है और दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद उचित कार्रवाई के निर्देश जारी किए जाएंगे।

राहुल गांधी कोई VVIP नहीं दलील पर CJI बोले- हमारे सामने सब बराबर, मानहानि मामले में जल्द सुनवाई से किया इनकार

आकृति चौधरी NSA केस में नया मोड़! इलाहाबाद HC के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची योगी सरकार

Ganesh Chaturthi 2026: आंध्र प्रदेश में सभी गणेश पंडालों को मिलेगी मुफ्त बिजली, नारा लोकेश का बड़ा ऐलान

राजनाथ सिंह ने श्रीलंकाई राष्ट्रपति से की मुलाकात, सुरक्षा-शांति का दोहराया संकल्प, अहम मुद्दों पर बनी सहमति

PM मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे, सेवा संकल्प अभियान चलाएगी BJP, युवाओं और महिलाओं की भागीदारी पर जोर