Khadakwasla Fursungi Tunnel Project: खडकवासला से फुरसुंगी के बीच मुठा दाहिने कालवे को भूमिगत सुरंग में बदलने की महत्वाकांक्षी परियोजना ने रफ्तार पकड़ ली है। करीब 1,500 करोड़ रुपये की लागत वाली 23 किलोमीटर लंबी परियोजना में अब तक 5 किलोमीटर सुरंग का काम पूरा हो चुका है। खडकवासला, धायरी, कात्रज, वडाचीवाडी, उरुली देवाची, फुरसुंगी और लोणी कालभोर क्षेत्रों में सुरंग निर्माण का काम चल रहा है।
इनमें चार स्थानों पर टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) से एक साथ खुदाई की जा रही है। राज्य सरकार और पर्यावरण विभाग की मंजूरी के बाद अक्टूबर 2025 में परियोजना का प्रत्यक्ष काम शुरू हुआ था। मार्च 2029 तक डी-आकार की भूमिगत सुरंग पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
सुरग तैयार होने के बाद खडकवासला बांध से फुरसुंगी तक पानी खुले कालवे के बजाय बंद भूमिगत मार्ग से पहुंचाया जाएगा, भूमिगत कालवे से पानी के रिसाव और वाष्पीकरण में कमी आएगी। इससे हर वर्ष करीब 2.5 टीएमसी पानी की बचत होने का अनुमान है।
साथ ही अतिरिक्त 3,472 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध हो सकेगा। भूमिगत सुरंग बनने के बाद वर्तमान कालवे के लिया इस्तेमाल होने वाली जमीन का बड़ा हिस्सा उपलब्ध
इस जमीन के नियोजित उपयोग को लेकर पुणे महानगरपालिका, पीएमआरडीए और राज्य सरकार के स्तर पर विचार चल रहा है। उपलब्ध जमीन पर जॉगिंग व साइकिलिंग ट्रैक, उद्यान और नागरिकों के लिए मनोरंजन स्थल विकसित करने की योजना पर विचार किया जा रहा है।
इससे शहर में हरित क्षेत्र बढ़ने के साथ नागरिकों को सार्वजनिक उपयोग के लिए खुली जगह मिल सकती है। इसके अलावा सिंहगढ़ रोड को वैकल्पिक कनेक्टिविटी देने के लिए इस जमीन पर वैकल्पिक सड़क विकसित करने की संभावना भी तलाशी जा रही है।