Ketan Agarwal Case Lonavala Rural Police: पुणे के युवा व्यवसायी केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में लोनावला ग्रामीण पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। पुलिस के अनुसार, 18 जून की सुबह सूचना मिलने के बाद करीब तीन घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के पश्चात शव को खाई से निकालकर जंगल के रास्ते बाहर लाया गया। शव को बाहर निकालने वाले रेस्क्यूअर सुनील गायकवाड़ ने दावा किया कि मृतक के सिर पर गंभीर चोट के निशान थे तथा हाथ-पैर भी बुरी तरह घायल थे। उन्होंने यह भी बताया कि घटना स्थल पर मौजूद अधिकांश लोग भावुक थे, जबकि मुख्य आरोपी सिया गोयल शांत दिखाई दे रही थी।
पुलिस जांच के दौरान यह आशंका सामने आई है कि मुख्य आरोपी सिया गोयल कथित तौर पर यह विवाह नहीं करना चाहती थी। जांच एजेंसियों के अनुसार, पुलिस इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है कि क्या इस कारण से वारदात की साजिश रची गई थी। पुलिस का यह भी संदेह है कि मामले में सह-आरोपी चेतन चौधरी की भूमिका और दोनों के बीच हुई बातचीत जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
मामले की जांच में नया मोड़ तब आया, जब पुलिस को पता चला कि आरोपियों के मोबाइल फोन से व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम की चैट हिस्ट्री डिलीट कर दी गई थी। अब पुलिस मोबाइल फोन का फॉरेंसिक विश्लेषण कर डिजिटल डेटा रिकवर कराने की प्रक्रिया में जुटी है। अधिकारियों का मानना है कि डिलीट किए गए संदेश मामले की सच्चाई सामने लाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
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29 जून को प्रस्तावित अदालती सुनवाई से पहले पुलिस साक्ष्यों को मजबूत करने में जुटी है। इसी क्रम में शनिवार को मुख्य आरोपी की दो करीबी सहेलियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया। पुलिस उनके बयान और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों का मिलान कर घटनाक्रम की पूरी कड़ी जोड़ने का प्रयास कर रही है।
लोनावला ग्रामीण पुलिस का कहना है कि मामले की जांच विभिन्न पहलुओं से की जा रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट, डिजिटल साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य तकनीकी जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का उद्देश्य अदालत में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत कर मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना है।