Katraj Kondhwa Road Widening: वर्षों से भूसंपादन और राजनीतिक खींचतान के कारण प्रभावित कात्रज-कोंढवा सड़क विस्तार परियोजना अब गति पकड़ने लगी है। पुणे महानगरपालिका आयुक्त नवल किशोर राम की नियमित समीक्षा बैठकों और स्थल निरीक्षणों के बाद निर्माण कार्य में तेजी आई है।
हालांकि, बिजली और जलापूर्ति विभाग के लंबित कार्य परियोजना के सामने नई चुनौती बन गए हैं। प्रशासन का लक्ष्य मार्च 2027 तक 50 मीटर चौड़ी सड़क का काम पूरा करना है।
आयुक्त नवल किशोर राम और जिलाधिकारी जितेंद्र दुडी की पहल पर 14 मई को विशेष भूसंपादन कानून के तहत भूमि अधिग्रहण अधिकारी क्रमांक 15 के माध्यम से भूसंपादन प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद परियोजना से जुड़ी प्रमुख बाधाओं को दूर करने की दिशा में काम आगे बढ़ा।
संबंधित विभागों को ड्रेनेज व्यवस्था विकसित करने, बारिश के पानी की निकासी के लिए लाइन बिछाने, बिजली की लाइनों को भूमिगत करने और जलापूर्ति पाइपलाइन स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए।
राजस सोसायटी से गोकुल नगर तक बारिश के पानी की निकासी और ड्रेनेज का काम तेजी से चल रहा है। परियोजना के तहत सर्विस रोड का लगभग 70 प्रतिशत निर्माण पूरा हो चुका है। इसके अलावा माऊली नगर स्थित ग्रेड सेपरेटर का निर्माण भी प्रगति पर है। इन कार्यों के पूरा होने से सड़क विस्तार के अगले चरण को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
भूसंपादन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद थी। हालांकि, बिजली की लाइनों को भूमिगत करने और जलापूर्ति पाइपलाइन स्थानांतरित करने में देरी से परियोजना की रफ्तार प्रभावित होने की आशंका है। जब तक ये काम पूरे नहीं होते, सड़क निर्माण के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ना चुनौतीपूर्ण रह सकता है।
कात्रज-कोंढवा सड़क को 50 मीटर चौड़ा बनाने की परियोजना के लिए मार्च 2027 की समयसीमा तय की गई है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए महानगरपालिका और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी होगा।
लंबित कार्यों को समय पर पूरा करना प्रशासन के लिए अहम होगा। अब निगाहें इस बात पर हैं कि विभागीय बाधाएं दूर कर सड़क विस्तार का काम निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जा सकेगा या नहीं।