पोषण आहार खाते हुए छात्र  social media
पुणे

पुणे के स्कूलों में मिड-डे मील में मिले कीड़े लगे मटर, बच्चों की सेहत से खिलवाड़ पर भड़के अभिभावक

Pune Mid Day Meal News: पुणे के जुन्नर तहसील के चालकवाड़ी क्षेत्र में 2 सरकारी स्कूलों में घटिया मटर की सप्लाई सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिससे पोषण आहार की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

मनीषा बोंदरे

Worms Found in Nutritious Peas In Government Schools: पुणे जिले के जुन्नर तहसील के चालकवाड़ी क्षेत्र में सरकारी स्कूलों को आपूर्ति किए जा रहे पोषण आहार की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। चालकवाड़ी स्थित शिवांजली विद्यानिकेतन स्कूल में पोषण आहार के लिए भेजी गई मटर की जांच के दौरान उसमें घुन और कीड़े पाए गए। मटर के कई दानों में छेद भी नजर आए। मामला सामने आने के बाद अभिभावकों और शिक्षकों में नाराजगी फैल गई है।

जानकारी के अनुसार, चालकवाड़ी के अलावा पास के अभंगवाड़ी और भटकलवाड़ी स्थित जिला परिषद स्कूलों में भी इसी तरह की खराब गुणवत्ता वाली मटर की आपूर्ति की गई है। स्कूलों में बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाई जा रही योजना में इस तरह का घटिया अनाज पहुंचने से प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

अनाज की गुणवत्ता पर उठ रहे गंभीर सवाल

पिंपलवंडी क्षेत्र के स्कूलों का जायजा लेने पर रसोई और भोजन तैयार करने की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। खाना बनाने के लिए साफ पानी का इस्तेमाल किया जा रहा है और रसोई की नियमित देखरेख भी की जाती है। स्कूलों में अनाज को सुरक्षित रखने की व्यवस्था भी ठीक है। ऐसे में स्कूल प्रबंधन की ओर से उचित व्यवस्था के बावजूद प्रशासन की ओर से खराब अनाज की आपूर्ति चिंता का विषय बन गई है।

बच्चों के भोजन में घुन और कीड़े लगी मटर का इस्तेमाल

घुन और कीड़े लगी मटर बच्चों के भोजन में इस्तेमाल होने की जानकारी सामने आने के बाद अभिभावकों और शिक्षकों ने इसका तीखा विरोध किया। उनका कहना है कि बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए दिए जाने वाले पोषण आहार में यदि घटिया अनाज पहुंचता है, तो यह उनके स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ है। उन्होंने खराब अनाज तत्काल वापस लेकर उसकी जगह ताजा और उच्च गुणवत्ता वाली दाल व अनाज उपलब्ध कराने की मांग की है।

प्रशासन से दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग

मामला सामने आने के बाद मासूम बच्चों के स्वास्थ्य को खतरे में डालने वाले इस प्रकार को तुरंत रोकने की मांग उठ रही है। स्कूल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि खराब गुणवत्ता वाली मटर का इस्तेमाल बच्चों के भोजन में नहीं किया जाएगा। उनका कहना है कि सरकारी लापरवाही के कारण बच्चों को ऐसा पौष्टिक आहार दिया जा रहा है जो उनके स्वास्थ्य को सुधारने के बजाय बीमार कर सकता है. वरिष्ठ अधिकारियों को आधिकारिक शिकायत देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

बच्चों के स्वास्थ्य के साथ समझौता नहीं

स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष मंगेश वाकचौरे ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाना चाहिए। वहीं, शिवांजली विद्यानिकेतन के मुख्याध्यापक भानुदास चासकर ने कहा कि खराब अनाज का उपयोग नहीं किया जाएगा और मामले की शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों से की जाएगी। अभिभावकों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और भविष्य में केवल सुरक्षित व गुणवत्तापूर्ण पोषण आहार की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।

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