Pimpri Chinchwad Illegal Dog Hostel: पिंपरी-चिंचवड़ के रिहायशी इलाकों में स्वतंत्र बंगलों में संचालित किए जा रहे 'डॉग हॉस्टल' और कुत्तों के बोर्डिंग सेंटर को लेकर नागरिकों में नाराजगी बढ़ रही है।
निवासियों का आरोप है कि कुछ स्थानों पर आवश्यक अनुमति और व्यावसायिक लाइसेंस के बिना बड़ी संख्या में कुत्तों को रखने का कारोबार किया जा रहा है। इससे भौंकने की आवाज, दुर्गंध, गंदगी और वाहनों की आवाजाही जैसी समस्याएं पैदा हो रही हैं।
नागरिकों ने पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका से ऐसे केंद्रों की जांच कर नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की है। रिहायशी उपयोग के लिए मंजूर बंगलों में व्यावसायिक स्वरूप के डॉग बोर्डिंग सेंटर संचालित किए जाने से जोनिंग और अन्य नियमों का उल्लंघन हो रहा है या नहीं, इस पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
नागरिकों के अनुसार, दिन-रात कुत्तों के भौंकने से आसपास के लोगों की शांति प्रभावित होती है। वहीं, मल-मूत्र के उचित निपटारे की व्यवस्था नहीं होने पर दुर्गंध और गंदगी की समस्या भी पैदा होती है।
बोर्डिंग सेंटर में अलग-अलग स्थानों से लाए गए पालतू कुत्तों के कारण छोटे बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर भी कुछ स्थानीय निवासियों ने चिंता जताई है। इसके अलावा कुत्तों को छोड़ने और ले जाने के लिए आने वाले वाहनों से संकरी रिहायशी सड़कों पर यातायात बाधित होने की शिकायत है।
नागरिकों ने मांग की है कि पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका यह स्पष्ट करे कि रिहायशी क्षेत्रों में इस प्रकार के व्यावसायिक केनल या डॉग बोर्डिंग सेंटर चलाने की अनुमति है या नहीं। संचालकों के पास आवश्यक लाइसेंस हैं या नहीं तथा जोनिंग नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं, इसकी जांच की जाए।
स्थानीय निवासी राजेश पाटील रिहायशी इलाके बड़े पैमाने पर चल रहे दबाव को सहन करने की स्थिति में नहीं हैं। इससे शांति, स्वच्छता और सुरक्षा का सवाल खड़ा होता है। मनपा को नियमों का सख्ती से पालन कराना चाहिए।