Hinjewadi Metro Delay Traffic Jam News: आईटी हब हिंजवडी में ट्रैफिक जाम अब लोगों के सब्र की आखिरी सीमा तक पहुंच चुका है। रोजाना तीन से चार घंटे सड़कों पर रेंगते हुए बिताने को मजबूर आईटी पेशेवरों का गुस्सा अब खुलकर फूट रहा है।
मेट्रो परियोजना को लेकर प्रशासन की ओर से बार-बार नई डेडलाइन घोषित की जा रही है, लेकिन जमीनी हकीकत अब भी नहीं बदली है। सॉफ्टवेयर इंजीनियर समीर और उनके सहयोगियों का सवाल है कि वर्षों से वादों और घोषणाओं में दौड़ रही मेट्रो आखिर पटरियों पर कब दौड़ेगी? वहीं, आईटी पेशेवर दीपक जगताप बताते हैं कि रोजाना का यह जाम केवल समय ही नहीं निगल रहा, बल्कि लोगों की मानसिक शांति और सेहत पर भी भारी पड़ रहा है।
हिंजवडी में नौकरी करनेवाले हजारों पुणेकरों के मन में एक ही सवाल गूंज रहा है कि आखिर इस ट्रैफिक संकट से राहत कब मिलेगी ? पुणे महानगर प्रादेशिक विकास प्राधिकरण (पीएमआरडीए) के तहत बनने वाली यह 23 किलोमीटर लंबी शिवाजीनगर-हिंजवडी मेट्रो लाइन बेहद महत्वपूर्ण है।
सार्वजनिक निजी भागीदारी मॉडल पर टाटा समूह इस परियोजना को संभाल रहा है, जिसके लिए 'पुणे आईटी सिटी मेट्रो रेल' लिमिटेड का गठन किया गया है। शुरुआत में इस मार्ग को मार्च 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन विभिन्न तकनीकी कारणों से इसमें लगातार देरी होती गई। पीएमआरडीए अब तक छह बार नई समय सीमा घोषित कर चुका है।
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राहत की बात यह है कि इस रूट पर ट्रायल रन सफलतापूर्वक पूरे कर लिए गए हैं। वर्तमान में संचालन के लिए केंद्रीय मेट्रो रेलवे सुरक्षा आयुक्त से सुरक्षा प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया जारी है। सुरक्षा जांच और अंतिम प्रमाण पत्र मिलने में लगभग 20 से 25 दिनों का समय लग सकता है।