Pune Hinjewadi IT Park: पुणे जिले के सबसे प्रमुख प्रौद्योगिकी केंद्र 'हिंजवडी राजीव गांधी आईटी पार्क' को पिंपरी-चिंचवड मनपा (पीसीएमसी) की सीमा में शामिल करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा की गई इस घोषणा से पिछले कई वर्षों से लंबित हिंजवडी और उसके आसपास के ग्रामीण इलाकों के एकीकृत विकास का रास्ता साफ हो गया है। इस निर्णय से न केवल आईटी पार्क का प्रशासनिक ढांचा मजबूत होगा, बल्कि यहां कार्यरत लाखों आईटी पेशेवरों और स्थानीय निवासियों को भी वर्षों पुरानी नागरिक समस्याओं से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
वर्तमान में हिंजवडी क्षेत्र का प्रशासन ग्राम पंचायत, एमआईडीसी और पीएमआरडीए जैसी अलग-अलग एजेंसियों में बंटा हुआ है। बहु-प्रशासनिक व्यवस्था के कारण विकास कार्यों में तालमेल का भारी अभाव रहता था। आईटी पार्क के तीव्र विस्तार के बावजूद बुनियादी सुविधाएं उस अनुपात में विकसित नहीं हो सकों।
अब पूरा क्षेत्र मनपा के सीधे नियंत्रण में आने से सड़क निर्माण, जलापूर्ति, सीवेज निकासी, ठोस कचरा प्रबंधन और अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई जैसे कार्य एक ही छत के नीचे सुचारू रूप से संचालित हो सकेंगे। ट्रैफिक जाम और बुनियादी समस्याओं से राहत हिंजवडी में रोजाना लाखों कर्मचारी आवागमन करते हैं।
संकरी सड़कों और वाहनों के भारी दबाव के कारण क्षेत्र में घंटों भीषण यातायात जाम रहता है। मनपा के अधिकार क्षेत्र में आने के बाद सड़कों के चौड़ीकरण, नए फ्लाईओवर, ग्रेड सेपरेटर, अंडरपास तथा बीआरटीएस और मेट्रो कनेक्टिविटी जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स का एकीकृत नियोजन संभव होगा। इसके अलावा, नियमित पेयजल आपूर्ति, सीवेज ट्रीटमेंट और अनधिकृत निर्माणों पर अंकुश लगाने में भी मनपा की प्रत्यक्ष भूमिका होगी।
पुणे जिले के सबसे प्रमुख प्रौद्योगिकी केंद्र हिंजवडी आईटी पार्क के साथ-साथ गहुंजे, जाबे, मारुंजी, माण, नेरे और सांगवडे जैसे सात प्रमुख गांवी को पिपरी-चिंचवड मनपा में शामिल करने की मांग लंबे समय से की जा रही थी।
पुणे महानगरपालिका के आम सभा ने 5 फरवरी 2018 को 11 गांवों के समावेश का प्रस्ताव पारित कर राज्य सरकार को भेजा था। जिसे 1 जनवरी 2021 को पुन संशोधित कर प्रस्तुत किया गया था।
यदि इस निर्णय का अंतिम क्रियान्वयन होता है, तो यह पिंपरी-चिंचवड मनपा का तीसरा बड़ा सीमा विस्तार होगा। इससे पहले वर्ष 1997 में वाकड़, पिपले निलख, मोशी, रावेत और चिखली को शामिल किया गया था, जबकि 2009 में ताथवडे का विलय हुआ था
वर्तमान में पिंपरी-चिंचवड मनपा का क्षेत्रफल लगभग 181 वर्ग किलोमीटर है और इसकी कुल आबादी 30 लाख से अधिक है। हिंजवडी सहित प्रस्तावित गांवों के शामिल होने से मनपा का कुल क्षेत्रफल बढ़कर 237.72 वर्ग किलोमीटर हो जाएगा, वहीं मनपा की सीमा में 3 लाख से अधिक नए नागरिक जुड़ जाएंगे।