Pune Rain Havoc Rajgurunagar Flooding: पुणे जिले में रविवार को हुई मूसलाधार बारिश ने जहां कई इलाकों में भारी तबाही मचाई, वहीं कुछ जगहों पर सूखी फसलों को संजीवनी भी दी। राजगुरुनगर के कासवा कॉम्प्लेक्स, कलंब के स्वास्थ्य केंद्र और स्थानीय बस्तियों में जलभराव से लाखों का नुकसान हुआ, जबकि पिंपलगांव में बिजली का खंभा गिरने से मार्ग बंद रहा और एकलहरे में सिंचाई नाली (चारी) फटने से फसलें बर्बाद हो गई। इस आपदा के विपरीत, शिरूर में अच्छी बारिश से किसानों में खुशी है।
खेड तहसील के राजगुरुनगर शहर में रविवार शाम को अचानक हुई दो घंटे की मूसलाधार बारिश से वाडा रोड पर स्थित कासवा कॉम्प्लेक्स की 25 से 30 दुकानों में 3 से 5 फीट तक पानी भर गया। इससे दुकानदारों का लाखों रुपये का सामान नष्ट हो गया है। जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह ठप होने के कारण सड़कों का पानी सीधे कॉम्प्लेक्स में घुस गया। जिससे होटल, मोबाइल शॉप, कपड़ों की दुकानें और जेरॉक्स सेंटर बुरी तरह प्रभावित हुए। स्थानीय व्यापारियों ने प्रशासन के गलत नियोजन पर गंभीर सवाल उठाते हुए तुरंत पंचनामा कर आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
आंबेगांव तहसील के कलंब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रविवार शाम को भारी बारिश का पानी घुसने से मरीजों और डॉक्टरों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी, जिसका कारण ग्रामीणों ने महामार्ग के किनारे होटल व्यवसाथियों द्वारा किए गए अवैध अतिक्रमण को बताया है। वहीं, आंबेगांव के पिपलगाव खडकी में निजी सोलर प्रोजेक्ट का भारी खंभा गिरने से पिपलगाव-निरगुडसर मार्ग पर सब्या दो घंटे तक यातायात ठप रहा।
इसके अलावा, एकलहरे- सुलतानपूर क्षेत्र में मुख्य जल चैनल (चारी) फटने से बाढ़ का पानी खेतों में घुस गया, जिससे महेंद्र शिंदे और अन्य किसानों की प्याज, मक्का तथा धनिया की फसलों को भारी नकसान पहुंचा है,
यह भी पढ़ें:- पुणे में राजस्व कर्मचारियों के तबादलों पर विवाद, NCP नेता ने आदेश रद्द करने की उठाई मांग
तबाही की इन खबरों के विपरीत, शिरूर तहसील के बेट क्षेत्र से एक बेहद सुखद खबर आई है। पिछले 1 महीने से सूखे की मार झेल रहे काठापूर खुर्द, पिंपरखेड, जांबुत, चांडोह, फाकटे, शरदवाडी और वडनेर खुर्द जैसे गांवों में रविवार शाम को 2 घंटे की संतोषजनक बारिश हुई। इस समाधानकारक बारिश ने किसानों की चिंता दूर कर दी है और उनके चेहरे पर आनंद दिखाई दे रहा है।
कलंब ग्राम पंचायत कमलेश वर्षे ने बाताया की महामार्ग के पास हुए अवैध अतिक्रमण की वजह से ही बारिश का पानी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में घुस रहा है। सार्वजनिक निर्माण विभाग को तुरंत इस अतिक्रमण को हटाना चाहिए, अन्यथा भविष्य में नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए और भी गंभीर खतरा पैदा हो जाएगा।
पिपलगांव महावितरण जे. एन. पाटील ने बाताया की यह बिजली लाइन और खंभा पूरी तरह है। इस घटना से महावितरण का कोई सीधा संबंध नहीं है। संबंधित निजी कंपनी ने ही तुरंत कदम उठाते हुए खंभे को हटाकर यातायात को सुचारू रूप से बहाल किया है।