पुणे HCMTR परियोजना सांकेतिक फोटो (सोर्स- सोशल मीडिया)  
पुणे

पुणे HCMTR प्रोजेक्ट को मिली रफ्तार, 10 हजार करोड़ की एलिवेटेड सड़क के लिए सरकार का बड़ा फैसला

Pune HCMTR Project: पुणे की HCMTR परियोजना को गति देने के लिए राज्य सरकार ने जमीन अधिग्रहण का एकमुश्त प्रस्ताव माँगा। ₹10,000 करोड़ की लागत से बनेगा 36 किमी एलिवेटेड मार्ग।

रूपम सिंह

Pune HCMTR Elevated Route Speed Up: पुणे शहर की बहुप्रतीक्षित और लंबे समय से लंबित 'हाई कैपेसिटी मास ट्रांजिट रूट' (एचसीएमटीआर) परियोजना को गति देने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला लिया है। मुंबई में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव लोकेश चंद्र की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में पुणे महानगर पालिका को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि परियोजना के मार्ग में आने वाली राज्य सरकार के विभिन्न विभागों की जमीनों के अधिग्रहण के लिए एकमुश्त संयुक्त प्रस्ताव तैयार कर भेजा जाए।

इस कदम का मुख्य उद्देश्य अलग-अलग विभागों की प्रशासनिक स्वीकृतियों में लगने वाले समय को बचाना और हस्तांतरण प्रक्रिया में तेजी लाना है। पुणे मनपा आयुक्त नवल किशोर राम ने बताया कि एचसीएमटीआर शहर की सबसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में से एक है और अब इसे धरातल पर उतारने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

ठोस कदम उठाने का दावा

राहत की बात यह है कि परियोजना के लिए आवश्यक भूमि में से लगभग 80% भूमि आसानी से उपलब्ध हो सकती है। इसमें से 52.2% जमीन पहले से ही पुणे मनपा के अधिकार क्षेत्र में है, जबकि 30.6% भूमि अलग-अलग विभागों की है। केवल 20% भूमि ही निजी स्वामित्व वाली है, जिसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होगी।

मार्ग में आने वाली वन विभाग की जमीन के लिए 'जमीन के बदले जमीन देने का विकल्प विचाराधीन है और रक्षा विभाग की भूमि के लिए आवश्यक समन्वय स्थापित किया जा रहा है।

10 हजार करोड़ की लागत

1987 के पुणे विकास प्रारूप में यह परियोजना करीब 36 किलोमीटर लंबी और 24 मीटर चौड़ी एलिवेटेड सड़क के रूप में बनेगी। इसका मुख्य उद्देश्य भीषण ट्रैफिक समस्या को हल करना और सुचारू यातायात व्यवस्था प्रदान करना है। इस मार्ग पर 34 प्रमुख जंक्शन और 33 रैंप बनाए जाएंगे। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की कुल अनुमानित लागत 10,000 करोड़ रुपये है, जिसमें से केवल भूमि अधिग्रहण पर करीब 1,300 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

ऐसा है मार्ग का स्वरूप

  • 21.8 किमी मार्ग मौजूदा सड़कों के ऊपर से गुजरेगा।
  • 4.28 किमी हिस्सा नालों, नदी और नहरों के किनारे होगा।
  • 4.34 किमी मार्ग वन क्षेत्र और रेलवे परिसर से होकर निकलेगा।
  • 5.3 किमी हिस्सा निर्माण क्षेत्रों और झुग्गी बस्तियों से होकर प्रस्तावित है।

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