Pune Ganesh Chaturthi: महाराष्ट्र की सांस्कृतिक राजधानी पुणे में 12 दिवसीय गणेशोत्सव 2026 का अत्यंत उत्साह और भक्तिमय माहौल में भव्य शुभारंभ हो गया है। गणेश चतुर्थी के अवसर पर शहरभर में श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ा। उत्सव की आधिकारिक शुरुआत पुणे के अति-प्रतिष्ठित पांच 'मानाचे गणपति' की धार्मिक विधि-विधान से प्राण प्रतिष्ठा के साथ हुई। इस दौरान पूरा शहर ढोल-ताशों की गर्जना और "गणपति बप्पा मोरया, मंगलमूर्ति मोरया" के जयकारों से गुंजायमान रहा।
पुणे शहर के पांच प्रमुख मानाचे गणपतियों में प्रथम मान कसबा गणपति, द्वितीय तांबडी जोगेश्वरी गणपति, तृतीय गुरुजी तालीम गणपति, चतुर्थ तुलशीबाग गणपति और पंचम केसरीवाड़ा गणपति शामिल हैं। इन सभी ऐतिहासिक मंडलों में सुबह से ही विशेष पूजा-अर्चना, अभिषेक और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्राण प्रतिष्ठा समारोह आयोजित किए गए। बप्पा की एक झलक पाने के लिए दर्शन मंडपों के बाहर सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं।
उत्सव के पहले दिन शहर के विभिन्न इलाकों में पारंपरिक शोभायात्राएं निकाली गईं। युवाओं और महिलाओं के ढोल-ताशा पथकों (दलों) की अनुशासित और ऊर्जावान प्रस्तुतियों ने माहौल को पूरी तरह से शिव-मयी और गणेश-मयी बना दिया। श्रद्धालुओं ने पारंपरिक पोशाक पहनकर, गुलाल उड़ाते हुए और भक्ति गीतों पर झूमते हुए बप्पा का स्वागत किया।
पुणे का गणेशोत्सव अपनी 100 साल से भी अधिक पुरानी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परंपरा के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। आने वाले दिनों में शहर में कई धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रहेगी। लाखों की संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन और नगर निगम द्वारा भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और यातायात डायवर्जन के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।