Social Economic Status Census Pune News: देश में आयोजित होने वाली बहुप्रतीक्षित जनगणना 2027 को लेकर केंद्र सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया तेज कर दी है। इस बार जनगणना केवल आबादी की गिनती तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक और व्यक्तिगत स्थिति का व्यापक डेटाबेस तैयार किया जाएगा। केंद्र सरकार द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, जनगणना अधिकारी घर-घर जाकर निर्धारित परिवार पत्रक के माध्यम से कुल 40 प्रमुख बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी जुटाएंगे।
जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 8 (1) के तहत जारी निर्देशों के तहत हर नागरिक के शैक्षणिक और व्यावसायिक जीवन का ब्योरा दर्ज होगा। इसमें व्यक्ति वर्तमान में किसी शिक्षण संस्थान में अध्ययनरत है या नहीं, उसकी सर्वोच्च शैक्षणिक योग्यता तथा अध्ययन का विषय पूछा जाएगा।
रोजगार के मोर्चे पर पिछले एक वर्ष के दौरान व्यक्ति के कार्य का स्वरूप, उसका पेशा, उद्योग, व्यापार या सेवा की श्रेणी दर्ज की जाएगी। बेरोजगार या गैर-आर्थिक गतिविधियों में शामिल लोगों से उनके कार्य की तलाश और उपलब्धता से जुड़ी जानकारी भी एकत्रित की जाएगी।
इस जनगणना में आंतरिक पलायन (Migration) के कारणों और पैटर्नों का भी अध्ययन किया जाएगा। व्यक्ति का जन्म स्थान, पिछले निवास का स्थान, वर्तमान स्थान पर रहने की अवधि और स्थायी पता दर्ज होगा। इसके अतिरिक्त, वैवाहिक स्थिति, विवाह के समय आयु, महिलाओं से जीवित बच्चों की संख्या, मातृभाषा, ज्ञात अन्य भाषाएं और डिजिटल साक्षरता की स्थिति का विवरण भी लिया जाएगा।
40 प्रमुख बिंदुओं वाली सूची में नागरिक के नाम, लिंग, जन्मतिथि, धर्म, जाति, अनुसूचित जाति/जनजाति और दिव्यांगता के साथ-साथ आधार कार्ड, वोटर आईडी, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस और मोबाइल नंबर जैसी नागरिक पहचान सुविधाओं की उपलब्धता संबंधी जानकारी दर्ज की जाएगी। इससे सरकार को भविष्य में जनकल्याणकारी योजनाओं और संसाधनों के पारदर्शी आवंटन में मदद मिलेगी।