Pune Anganwadi Poor Quality Food Issue: आंगनवाड़ी के बच्चों को परोसे जा रहे घटिया पोषण आहार पर पुणे जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। आंबेगांव तहसील से सामने आए वीडियो और राजनीतिक-सामाजिक दबाव के बाद पुणे जिला परिषद ने बैकफुट पर आते हुए जिले की सभी आंगनवाड़ियों में उपलब्ध आहार की गहन जांच के आदेश दिए हैं।
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) गजानन पाटील ने अधिकारियों को चार दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट पेश करने की डेडलाइन दी है। प्रशासन की इस अचानक जांच से घटिया सामग्री सप्लाई करने वाले ठेकेदारों में हड़कंप मच गया है।
दरअसल, इस पूरे मामले ने तब तूल पकड़ा, जब आंबेगांव तहसील की एक आंगनवाड़ी सेविका ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया था। वीडियो में बच्चों को दिए जाने वाले मटर, भरड़ा और अन्य खाद्य सामग्रियों की घटिया गुणवत्ता को दिखाते हुए दावा किया गया था कि यह आहार ठीक से पक भी नहीं रहा है।
प्रशासन ने वीडियो वायरल करने पर आंगनवाड़ी सेविका को निलंबित कर दिया था, लेकिन सामाजिक और राजनीतिक विरोध के बाद निलंबन वापस ले लिया। घटना से सबक लेते हुए प्रशासन ने आंगनवाड़ी केंद्रों की वास्तविक स्थिति खंगालने का फैसला किया है।
जांच के दौरान आहार की गुणवत्ता, उपलब्ध स्टॉक, उसकी उपयोग अवधि और वितरण व्यवस्था की भी जांच की जाएगी। इसके साथ ही आंगनवाड़ी केंद्रों तक वास्तव में किस गुणवता का पोषण आहार पहुंच रहा है, इसकी भी पड़ताल की जाएगी।
यदि कहीं भी पोषण आहार घटिया या खराब गुणवत्ता का पाया जाता है, तो उसे तत्काल बदलने के निर्देश संबंधित व्यवस्था को दिए गए हैं।