Pune Sharad Pawar Farmer Loan Waiver Demand: पुणे खेती आर्थिक रूप से लगातार कठिन होती जा रही है। केंद्र और राज्य सरकारों को किसानों की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है। बड़े उद्योगपतियों के व्याज माफ कर उन्हें कर्ज की किस्तें चुकाने के लिए अतिरिक्त समय दिया जाता है, उसी तरह अन्नदाता किसानों को भी न्याय मिलना चाहिए। हम सत्ता में नहीं हैं, लेकिन किसानों की समस्याएं सरकार के कानों तक पहुंचाना हमारा निरंतर प्रयास रहेगा।' यह बात एनसीपी के वरिष्ठ नेता शरद पवार ने कही।
महाराष्ट्र राज्य द्राक्ष बागायतदार संघ की ओर से आयोजित तीन दिवसीय द्राक्ष परिसंवाद एवं 66वें वार्षिक अधिवेशन का सोमवार को कवडीपाट स्थित लक्ष्मी लॉन्स में शरद पवार की उपस्थिति में उद्घाटन हुआ। पवार ने कहा कि वर्तमान में कृषि क्षेत्र के सामने अनेक चुनौतियां हैं। इसलिए खेती और किसानों के भविष्य को लेकर सभी को गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।
पवार ने कहा कि 1947 में आजादी के समय देश की करीब 80 प्रतिशत आबादी खेती पर निर्भर थी, लेकिन बढ़ते राजमार्ग, रेलवे और विभिन्न विकास परियोजनाओं के कारण खेती का क्षेत्र लगातार कम हो रहा है। सड़क निर्माण हो या रेलवे विस्तार अथवा अन्य परियोजनाएं, इनके लिए कृषि भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है।
पवार ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एक ओर खेती की जमीन लगातार घट रही है, तो वहीं दूसरी ओर कृषि पर निर्भर लोगों की संख्या बढ़ रही है। यह स्थित्ति चिता का विषय है।
शरद पवार ने कहा कि किसानों के साथ धोखाधड़ी करने वाली कंपनियों के खिलाफ सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, विशेष रूप से द्राक्ष की खेती में इस्तेमाल होने वाली नकली और घटिया कृषि दवाओं पर केंद्र सरकार को विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
ऐसी दवाओं के कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इस समस्या पर रोक लगाने के लिए प्रभावी और कठोर उपाय किए जाने चाहिए।