सासवड नगर परिषद (सौ. सोशल मीडिया ) 
पुणे

Pune News: सासवड में बदल गया समीकरण! एनसीपी-शिवसेना गठबंधन से बीजेपी की बढ़ी टेंशन

Municipal Election से पहले ही सासवड नगर पालिका में सियासी हलचल तेज हो गई है। सभी राजनीतिक दलों ने यहां पर अपनी फील्डिंग सेट करना शुरू कर दिया है। NCP-Shivsena की साझेदारी ने BJP की टेंशन बढ़ा दी है।

अपूर्वा नायक

Pune News In Hindi: पुरंदर तहसील के सासवड नगर पालिका के आगामी चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), शिवसेना (शिंदे गुट), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) सहित कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) जैसे सभी दलों ने अपनी जोरदार मोर्चाबंदी शुरू कर दी है।

मौजूदा राजनीतिक माहौल को देखते हुए। इस नगरपालिका चुनाव में मुख्य रूप से बीजेपी और शिवसेना (शिंदे गुट) के बीच सीधा मुकाबला होने की संभावना है। नागरिकों के बीच यह चर्चा जोरों पर है कि क्या आगामी चुनाव में शिवसेना का 'धनुष बाण' चलेगा या बीजेपी का 'कमल' खिलेगा।

पिछले दस वर्षों से सासवड नगर परिषद पर पूर्व विधायक स्वर्गीय चंदू जगताप और तत्कालीन कांग्रेस के पूर्व विधायक संजय जगताप के मार्गदर्शन में कांग्रेस ने बाजी मारी थी। पहले मुख्य प्रतिस्पर्धा शिवसेना और कांग्रेस के बीच थी। हालांकि, अब संजय जगताप के कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल होने से, इस चुनाव में बीजेपी के लिए उनकी भूमिका अत्यंत निर्णायक साबित होगी।

सदस्य संख्या में बढ़ोतरी व आरक्षण का प्रभाव

विघटित नगर परिषद में कांग्रेस समर्थित जनमत विकास आघाड़ी की सत्ता थी। इस बार नगर परिषद चुनाव 9 प्रभागों के बजाय 11 प्रभागों पर होंगे। पिछले चुनाव के 19 पार्षदों और एक अध्यक्ष के मुकाबले अब पार्षदों की संख्या और अध्यक्ष पद सहित दो स्वीकृत सदस्यों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है।

विघटित नगर परिषद में जनमत विकास आघाड़ी के 15 सदस्य और अध्यक्ष थे, जबकि एनसीपी और शिवसेना के 2-2 सदस्य और 2 स्वीकृत सदस्य थे। कुल सदस्य संख्या में से कुछ सीटें आरक्षित श्रेणी के लिए हैं। पिछले चुनावों में शिवसेना और एनसीपी के स्थानीय नेताओं ने गठबंधन किया था, जबकि बीजेपी कुछ सीटों पर अकेले लड़ी थी। इस बार, संजय जगताप के नेतृत्व में जनमत विकास आघाड़ी द्वारा सभी सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी है। शिवसेना (शिंदे गुट) के विधायक विजय शिवतारे भी इस चुनाव में बड़ी ताकत झोंकने की तैयारी में हैं।

प्रमुख दावेदार व उलझन

  • जनमत विकास आघाड़ी से टिकट के लिए इच्छुक उम्मीदवारों की संख्या काफी अधिक है और कुछ युवाओं ने निर्दलीय लड़ने का मन भी बनाया है।
  • इस चुनाव में बीजेपी, एनसीपी (शरद पवार गुट), एनसीपी (अजीत पवार गुट) और शिवसेना (शिंदे गुट) के आधिकारिक उम्मीदवार मैदान में होंगे, वहीं, कसग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) के सक्रिय रूप से देखने की संभावना कम है।
  • बीजेपी से पूर्व उपनगराध्यक्ष अजीत जगताप, साकेत जगताप, आनंद जगताप, शिवसेना (शिंदे गुट) से पूर्व पार्षद सचिन भौगले, एनसीपी (अजीत गुट) से पूर्व उपनगराध्यक्ष वामनतात्या जगताप और पूर्व पार्षद गणेश जगताप के नाम प्रमुखता से चर्चा में है।
  • महा विकास आघाड़ी के संभावित गठबंधन के कारण उम्मीदवारों के मन में संशय बना हुआ है।
  • कई प्रमुख दावेदार किस पार्टी से चुनाव लड़ेंगे, यह अभी तय नहीं हो पाया है, जिससे यह चुनाव और भी रोचक होने की उम्मीद है।

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