उपमुख्यमंत्री अजित पवार (pic credit; social media) 
पुणे

पुणे के घमंडी बिल्डरों को अजित पवार की चेतावनी, कहा- मनमानी की तो सीधा रोक देंगे काम

Pune News: पुणे में पुल निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा कि घमंडी बिल्डरों की मनमानी बर्दाश्त नहीं होगी। जरूरत पड़ने पर उनका काम रोकने तक की कार्रवाई की जाएगी।

सोनाली चावरे

Deputy Chief Minister Ajit Pawar in Pune: उप मुख्यमंत्री और पुणे के पालकमंत्री अजित पवार ने रविवार सुबह मुंढवा-केशवनगर इलाके में पुल निर्माण कार्य का निरीक्षण किया और घमंडी बिल्डरों को चेतावनी दी कि उनकी मनमानी नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि अगर बिल्डर अपने काम में लापरवाही बरतते हैं तो कार्रवाई करते हुए उनका काम रोक दिया जाए।

निरीक्षण के दौरान स्थानीय नागरिकों ने अजीत पवार से कई शिकायतें साझा की। नागरिकों ने बताया कि करोड़ों रुपए के फ्लैट खरीदने के बावजूद बिल्डर उन्हें मूलभूत सुविधाएं नहीं दे रहे हैं, पानी खरीदना पड़ता है और सड़कें खराब हैं। इस पर अजीत पवार ने संबंधित बिल्डरों को स्पष्ट चेतावनी दी और कहा कि नियमों के अनुसार काम पूरा करना अनिवार्य है।

उप मुख्यमंत्री ने पुल निर्माण की गति बढ़ाने और ट्रैफिक की समस्या का समाधान निकालने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि काम जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि नागरिकों को यातायात में परेशानी न हो। निरीक्षण में पुणे मनपा आयुक्त नवल किशोर राम, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) मनोज पाटिल और अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे।

निरीक्षण के दौरान स्थानीय महिला ने अजीत पवार से कहा कि गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर की तरह वे भी अचानक ट्रैफिक जाम की वास्तविक स्थिति देखने आएं। इस पर अजीत पवार ने पूछा कि पर्रिकर कौन हैं, जिस पर महिला ने उन्हें समझाया कि मनोहर पर्रिकर गोवा के मुख्यमंत्री थे और वे समय-समय पर खुद सड़क पर जाकर स्थिति देखते थे।

इसके बाद अजीत पवार ने कहा कि उनके पास भी सभी अधिकार हैं और शराब की दुकानों के आसपास नियमों का उल्लंघन नहीं बर्दाश्त किया जाएगा। उन्होंने दुकानदारों को स्पष्ट संदेश दिया कि आप जो बेचना चाहते हैं बेचिए, लेकिन नियमों के अनुसार नागरिकों की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखना अनिवार्य है।

अजीत पवार का यह निरीक्षण और सख्त निर्देश दर्शाता है कि प्रशासन अब नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से ले रहा है और नियमों का पालन सुनिश्चित करने में कोई समझौता नहीं करेगा। यह कदम पुणे के निर्माण कार्यों और ट्रैफिक व्यवस्थाओं में सुधार लाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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