कहां से मैं पुणे का पालकमंत्री बन गया! हर बात का ठेका मैंने ही लिया है...अजित पवार का इशारा किस तरफ?

Maharashtra News: पुणे में अजित पवार से एक कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने अपने भाषण में लोगों को खरी- खोटी सुना दी। उन्होंने कहां कि गलती से मैं पुणे का पालकमंत्री बन गया।
उप मुख्यमंत्री अजित पवार
उप मुख्यमंत्री अजित पवार
Published on
Updated on

Ajit Pawar News: उपमुख्यमंत्री अजित पवार का पुणे दौरे पर है। शुक्रवार की शाम 6 बजे वे चिंचवड़ में पहुंचे थे। अजित पवार ने चाकन में यातायात जाम की समस्या को लेकर पुलिस आयुक्त विनय कुमार चौबे पर अपना गुस्सा जाहिर किया। शाम को एक कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने उन्हें पेड़ो की काटाई रोकने से मना किया तो गुस्से में अजितदादा ने उन्हें फटकार लगा दी।

कोई भी उठकर सिर्फ ज्ञान देने लगता है। क्या हर समस्या को सुलझाने की जिम्मेदारी सिर्फ अकेले मेरी है? ऐसा लगने लगा है कि मैं गलती से पुणे का पालकमंत्री बन गया हूं। जो भी मिलता है मुझे सिर्फ उपदेश सुनता है। मेरी सलाह को कोई गंभीरता से नहीं लेता। मुझे सिर्फ लोगों के ताने सुनन पड़ते है।

पिंपरी-चिंचवाड़ में मुला नदी के सौंदर्यीकरण परियोजना के लिए पेड़ों की कटाई के मुद्दे पर अजितदादा नाराज हो गए। उन्होंने यह बयान तब दिया जब पर्यावरणविदों ने मांग की कि अजित पवार, संरक्षक मंत्री होने के नाते, पेड़ों की कटाई रोक दें।

सयाजी शिंदे के जन्मदिन में शामिल हुए थे अजित पवार

एनसीपी नेता और अभिनेता सयाजी शिंदे का 66वां जन्मदिन शुक्रवार को पिंपरी-चिंचवड़ में अजित पवार की मौजूदगी में मनाया गया। इस मौके पर अजितदादा ने खूब चुटकुले सुनाए। इस दौरान वहां मौजूद लोगों में हंसी के ठहाके गूंज उठे। सामाजिक कार्यकर्ता मारुति भापकर ने अजीत पवार का ध्यान इस विषय पर आकर्षित किया कि पवना, इंद्रायणी और मुला नदियों के सौंदर्यीकरण परियोजनाओं में हजारों पेड़ों को काटा जा रहा है। साथ ही उनसे, संरक्षक मंत्री के रूप में, इस पेड़ की कटाई को रोकने का अनुरोध किया।

दुर्गा देवी पहाड़ी पर पेड़ों की हो रही कटाई

इस पर अजितदादा ने तंज कसते हुए जवाब दिया। भापकर ने नदी तट और दुर्गा देवी पहाड़ी पर पेड़ों की कटाई को लेकर सवाल उठाया था।अजित पवार ने सयाजी शिंदे के वृक्षारोपण कार्य की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, "हमारा संकल्प हर साल 25 करोड़ पेड़ लगाने और अपने कार्यकाल में 100 करोड़ पेड़ लगाने और उनका संरक्षण करने का है। इससे अगले 20 वर्षों में प्रकृति संरक्षण में सफलता मिलेगी।" अजितदादा ने उनकी प्रशंसा करते हुए कहा, "सयाजी और मुझमें समानताएं हैं। स्पष्टवादिता और प्रामाणिकता हमें जोड़ती है।"

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com