बारामती में विकासकार्यों का जायजा लेते उपमुख्यमंत्री अजित पवार (सोर्स: सोशल मीडिया) 
पुणे

बारामती पहुंचे अजित पवार, विकासकार्याें का लिया जायजा, बोले- बाधा डाली तो...

Ajit Pawar visit to Baramati: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार शनिवार को बारामती का दौरा किया। यहां उन्होंने कई विकासकार्यों का जायजा लिया साथ ही अधिकारियों को निर्देश भी दिए।

आकाश मसने

पुणे: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार शनिवार को बारामती के दौरे पर थे। उन्होंने यहां कई विकासकार्यों का जायजा लिया। बारामती क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्य चल रहे हैं और आगामी विस्तार को देखते हुए, यह अगले सौ वर्षों तक उपयोगी रहे और कार्यों को रखरखाव की आवश्यकता न हो, इसके लिए पवार ने निर्देश दिए कि कार्यों की योजना इसी के अनुसार बनाई जाए।

उपमुख्यमंत्री और बारामती जिले के पालकमंत्री अजित पवार ने कहा कि आवारा पशुओं और कुत्तों की समस्या और नागरिकों से प्राप्त शिकायतों को नगर परिषद गंभीरता से ले और उन पर नियंत्रण के उपाय करे। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि शहर के विभिन्न हिस्सों में कोंडवाड़ा के लिए जगह चिन्हित कर प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाएं।

इन स्थलों का लिया जायजा

बारामती क्षेत्र में श्री सिद्धेश्वर मंदिर क्षेत्र, दशक्रिया घाट, शारदा प्रांगण, प्रस्तावित मालवर्ची देवी से जलोची चौक फोरलेन सड़क, जलोची नहर पुल से संभाजीनगर जाने वाली सड़क, नहर से सटे उद्यान क्षेत्र, जलोची नाले के पास दशक्रिया घाट, श्मशान घाट, कब्रिस्तान, रुई क्षेत्र में विद्या प्रतिष्ठान के पास दो छोटे पुल, उद्यान, श्मशान घाट, बाढ़ सुरक्षा दीवार के प्रस्तावित स्थल का संबंधित अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया गया।

कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई करें पुलिस

डिप्टी सीएम अजित पवार ने कहा कि बारामती क्षेत्र में सीमा विस्तार को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित स्थल पर कार्य शुरू किया जाए। पुलिस को कार्य में बाधा डालने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करनी चाहिए। इस क्षेत्र में रुई-जलोच नाले को चौड़ा करते समय उसकी माप की जानी चाहिए और यदि उसमें कोई अतिक्रमण है तो उसे हटाया जाना चाहिए। इस नाले के दोनों ओर बाढ़ सुरक्षा दीवार का निर्माण किया जाना चाहिए।

वारकरियों को मिले सुविधा

अजित पवार ने कहा कि शारदा प्रागण क्षेत्र में बनने वाले भवन और परिसर का विकास सीबीएसई और मराठी स्कूलों के विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। पालकी समारोह के दौरान वारकरियों के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए जैसे शौचालय, पानी, बिजली व्यवस्था आदि।

बाबूजी नाइक वाड़ा और दशक्रिया घाट क्षेत्रों में छायादार वृक्ष लगाए जाने चाहिए। कार्य की योजना इस प्रकार बनाई और कार्यान्वित की जानी चाहिए कि दशक्रिया घाट क्षेत्र में अंतिम संस्कार के लिए आने वाले नागरिकों को सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जा सकें।

इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए कि पानी जमा न हो। कवि मोरोपंत के स्मारक की आवश्यक मरम्मत की जानी चाहिए। नदी तल में जल निकासी कक्षों से आवश्यक दूरी छोड़कर वृक्ष लगाए जाने चाहिए।

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