Ajit Pawar Mother Asha Pawar: महाराष्ट्र के डिप्टी चीफ मिनिस्टर अजित पवार का अपनी मां आशा पवार से बेहद खास और भावनात्मक रिश्ता था।
परिवार और करीबी लोग बताते हैं कि आशा पवार हमेशा अपने बेटे की दिनचर्या और गतिविधियों पर नज़र रखती थीं। उनका दिन भी आमतौर पर फार्महाउस में टीवी देखते हुए ही शुरू होता था।
बुधवार सुबह करीब 7 बजे आशा पवार हमेशा की तरह फार्महाउस में बैठकर टीवी देख रही थीं। करीब 8:30 बजे टीवी स्क्रीन पर जैसे ही अजित पवार के प्लेन क्रैश की खबर चली, वे चौंक गईं। उन्होंने तुरंत फार्महाउस मैनेजर संपत धायगुडे से पूछा, “अरे, क्या दादा का एक्सीडेंट हो गया है?”
उस वक्त आशा पवार को यही लगा कि शायद उनके बेटे को हल्की चोट आई होगी। लेकिन मैनेजर संपत को यह जानकारी मिल चुकी थी कि अजित पवार इस हादसे में नहीं रहे। मां को सदमा न लगे, इसके लिए उन्होंने तुरंत टीवी का केबल कनेक्शन काट दिया और कहा कि टीवी खराब हो गया है। इसके साथ ही आशा पवार का मोबाइल भी फ्लाइट मोड पर डाल दिया गया।
टीवी बंद होने के बावजूद आशा पवार बेचैन हो गईं। वे बार-बार कहती रहीं, “चलो, दादा से मिलते हैं।” जब वे फार्महाउस से बाहर निकलने लगीं तो ड्राइवर ने भी उन्हें बहाना बनाकर बताया कि कार में खराबी आ गई है। इसके बावजूद वे फार्महाउस के बाहर टहलती रहीं और असहज दिखाई देती रहीं।
बाद में आशा पवार को बारामती स्थित बंगले पर ले जाया गया, जहां परिवार ने उन्हें अजित पवार के निधन की दुखद जानकारी दी। यह खबर सुनते ही पूरा पवार परिवार टूट गया। बेटे के असमय चले जाने का यह सच न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे महाराष्ट्र के लिए गहरा सदमा बन गया।