अजित पवार व उनकी प्लेन की पायलट कैप्टन शाम्भवी पाठक (सोर्स: सोशल मीडिया) 
पुणे

कैप्टन सुमित कपूर और शाम्भवी पाठक के हाथ में थी अजित पवार के प्लेन की कमान, ये है हादसे का असली कारण

Ajit Pawar Plane Pilot News: महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार की बारामती में विमान हादसे में मौत हो गई। लैंडिंग के दौरान फ्यूल टैंक फटने से यह दर्दनाक हादसा हुआ। पूरी जानकारी यहां पढ़ें।

आकाश मसने

Ajit Pawar Aircraft Accident Reason: महाराष्ट्र की राजनीति से एक बेहद दुखद और स्तब्ध कर देने वाली खबर सामने आई है। राज्य के उप मुख्यमंत्री अजित पवार का बारामती में एक प्राइवेट विमान हादसे में निधन हो गया है। यह हादसा उस समय हुआ जब वे मुंबई से जिला पंचायत परिषद के चुनाव प्रचार के लिए बारामती जा रहे थे। 66 वर्षीय पवार पिछले 40 वर्षों से महाराष्ट्र की राजनीति में एक कद्दावर नेता के रूप में सक्रिय थे।

कैसे हुआ यह भीषण हादसा?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, विमान ने सुबह लगभग 8:10 बजे मुंबई से उड़ान भरी थी। जब विमान बारामती एयरपोर्ट पर लैंड करने की कोशिश कर रहा था, तभी वह दुर्घटनाग्रस्त हो गया। क्रैश होने के तुरंत बाद विमान के फ़्यूल टैंक में ब्लास्ट हो गया, जिससे आग लग गई। विमान में सवार सभी 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। बचाव दल तुरंत घटनास्थल पर पहुँचा, लेकिन कोई भी जीवित नहीं बचा सका।

विमान में कौन-कौन था सवार?

इस दुखद हादसे में उपमुख्यमंत्री अजित पवार के साथ उनके स्टाफ और क्रू मेंबर भी शामिल थे। डीजीसीए और स्थानीय अधिकारियों के अनुसार विमान में कुल 6 लोग सवार थे।

  • अजित पवार (महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री)
  • विदीप जाधव (निजी सहायक)
  • पिंकी माली (निजी सहायक)
  • कैप्टन सुमित कपूर (कमांडर पायलट)
  • कैप्टन शाम्भवी पाठक (फर्स्ट ऑफिसर)
  • एक एनसीपी कार्यकर्ता

क्या संकरी एयरस्ट्रिप बनी हादसे की वजह?

प्रारंभिक जांच और अधिकारियों के अनुसार, विमान बारामती एयरपोर्ट की संकरी एयरस्ट्रिप पर उतरने का प्रयास कर रहा था। सूत्रों के अनुसार, अजित पवार ने पहले भी सरकार से इस एयरस्ट्रिप को चौड़ा करने का अनुरोध किया था ताकि भविष्य में किसी भी हादसे को टाला जा सके। दुर्घटनाग्रस्त विमान का प्रकार Learjet 45 था, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर VT-SSK था और इसका संचालन VSR ऑपरेटर द्वारा किया जा रहा था।

महाराष्ट्र की राजनीति में शोक की लहर

अजित पवार के आकस्मिक निधन से पूरे राज्य में शोक का माहौल है। वे अपने साहसिक फैसलों और बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते थे। उनकी मृत्यु से महाराष्ट्र की राजनीति में एक ऐसा शून्य पैदा हो गया है, जिसे भरना मुश्किल होगा। प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं।

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