Maharashtra TET Exam Paper Leak Controversy: महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के आयोजन से कुछ घंटे पहले प्रश्नपत्र लीक होने की खबर सामने आने के बाद परीक्षा स्थगित कर दी गई। इस फैसले से राज्यभर के लाखों अभ्यर्थियों में नाराजगी और असंतोष देखने को मिला। अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय से की गई तैयारी पर अचानक लिए गए निर्णय का प्रतिकूल असर पड़ा है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए पुणे में विरोध प्रदर्शन किया। संगठन का कहना है कि लाखों छात्र-छात्राएं महीनों से परीक्षा की तैयारी कर रहे थे, लेकिन अंतिम समय पर परीक्षा स्थगित होने से उन्हें मानसिक, आर्थिक और शैक्षणिक नुकसान उठाना पड़ा। अभाविप ने इसे प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की।
अभाविप का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में एमएचटी-सीईटी, स्वास्थ्य विभाग भर्ती और नीट-यूजी जैसी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विवादों के कारण परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। संगठन ने मांग की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक सुरक्षित एवं पारदर्शी बनाया जाए।
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अभाविप के प्रदेश मंत्री अथर्व कुलकर्णी ने कहा कि महाराष्ट्र में बार-बार पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने आना दुर्भाग्यपूर्ण है और यह शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उनके अनुसार, यदि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता प्रभावित होती है तो इसका सीधा असर लाखों छात्रों के भविष्य पर पड़ेगा। उन्होंने सरकार से परीक्षा सुरक्षा को मजबूत करने, तकनीकी निगरानी बढ़ाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
अभाविप ने सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों को कड़ी सजा दिलाने और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए दीर्घकालिक एवं प्रभावी व्यवस्था लागू करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि छात्रों का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा बनाए रखने के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।