पुणे रिंग रोड़ प्रोजेक्ट (सौ. सोशल मीडिया ) 
पुणे

Pune की ट्रैफिक राहत योजना फिर अटकी, 14,200 करोड़ का रिंग रोड प्रोजेक्ट अंधे मोड़ पर

Pune को भारी ट्रैफिक से राहत देने के लिए PMRDA ने रिंग रोड प्रोजेक्ट का प्रस्ताव रखा था। लेकिन अब 3 गांवों ने पीएमआरडीए के इस प्रोजेक्ट का विरोध करते हुए अपनी जगह देने के फैसले पर रोक लगा दी है।

अपूर्वा नायक

Pimpri News In Hindi: पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (पीएमआरडीए) के तहत प्रस्तावित रिंग रोड के पहले चरण की माप प्रक्रिया पूरी हो गई है। हालांकि, तीन गांवों ने पीएमआरडीए की इस परियोजना का विरोध करते हुए भूमि अधिग्रहण पर रोक लगा दी है।

परिणामस्वरूप, माप प्रक्रिया पिछले कई महीनों से रुकी हुई है, जिसके कारण रिंग रोड का आगे का काम बाधित हो गया है। इस बीच, कलेक्टर कार्यालय, पीएमआरडीए और ग्रामीणों के बीच इस संबंध में बैठकें हो रही हैं। पीएमआरडीए का कहना है कि इन बैठकों से कोई सकारात्मक समाधान निकलने की उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट की लागत लगभग 14,200 करोड़ रुपये है।

115 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण

पुणे शहर और उसके आसपास के इलाकों में यातायात की समस्या को कम करने के लिए दो रिंग रोड प्रस्तावित हैं। इनमें से एक रिंग रोड का निर्माण कार्य महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल (एमएसआरडीसी) द्वारा किया जा रहा है, जबकि इसे जोड़ने वाली दूसरी रिंग रोड का काम पीएमआरडीए द्वारा किया जाएगा।

यह 83 किलोमीटर लंबी और 65 मीटर चौड़ी रिंग रोड उसी क्षेत्र में बनाई जाएगी। इसके लिए लगभग 115 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण आवश्यक है। इसके अनुसार, सड़क के चरणों की योजना बनाई गई है, और कलेक्टर कार्यालय पीएमआरडीए के माध्यम से भूमि अधिग्रहण कर रहा है।

एमएसआरडीसी द्वारा बनाई जा रही रिंग रोड सोलू गांव तक है। सोलू और निरगुड के बीच का सर्वेक्षण (मापन) कार्य पूरा हो चुका है। पीएमआरडीए रिंग रोड वहां से जुड़ेगी, इसलिए इस क्षेत्र में अधिग्रहण किया जाना था। रिंग रोड के लिए माप प्रक्रिया चल रही है। स्थानीय निवासियों और किसानों से चर्चा के बाद जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।

45 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण बाकी

इस रिंग रोड के अंतर्गत आने वाले आंबेगाव खुर्द, भिलारेवाडी, मांगडेवाडी, गुजर निंबालकरवाडी, वडाचीवाडी, पिसोली, सोलू, निरगुडी, वडगाव शिंदे गांवों की माप प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस बीच, येवलेवाड़ी, जांभुलवाड़ी और कदमकवस्ती गांवों में लगभग 45 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होना बाकी है।

जिला प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण के लिए किसानों को चार विकल्प दिए हैं। यदि प्रभावित किसान हस्तांतरणीय विकास अधिकार (टीडीआर) का विकल्प चुनते हैं, तो उन्हें प्रभावित क्षेत्र के दोगुने क्षेत्रफल का निर्माण क्षेत्र प्रमाणपत्र (डीआरसी) मिलेगा। इस निर्माण क्षेत्र का उपयोग पीएमआरडीए के अधिकार क्षेत्र में किया जा सकता है, और डीआरसी डेवलपर्स को बेचने की अनुमति भी होगी।

प्रमुख केंद्रों को मिलेगी कनेक्टिविटी

  • इस रिंग रोड का मुख्य उद्देश्य लोहगांव हवाई अड्डे, हिंजवड़ी आईटी पार्क और चाकण एमआईडीसी जैसे प्रमुख केंद्रों को वृत्ताकार कनेक्टिविटी प्रदान करना है।
  • इस रिंग रोड के कारण शहर के मध्य भाग में भारी यातायात नहीं आएगा, बल्कि शहर के भीतर यातायात की गति बढ़ेगी। इस रिंग रोड की अनुमानित लागत लगभग 14,200 करोड़ रुपये है और इसे प्रशासनिक स्वीकृति मिल चकी है।

MLC Election Results LIVE: यूपी, बिहार, महाराष्ट्र समेत चार राज्यों में मतगणना, RJD का चुनाव आयोग को पत्र

रामलीला मैदान में रैली से पहले बीजेपी की 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा, केंद्रीय नेतृत्व होंगे शामिल

Bihar MLC Election Result: पटना में मतगणना केंद्र पर हंगामा, CCTV नहीं होने पर कांग्रेस-जन सुराज ने उठाए सवाल

खरगे की पीएम मोदी पर टिप्पणी से नाराज मायावती? कांग्रेस को दी नसीहत, बोलीं- जहरीली राजनीति देशहित में नहीं

रेलवे के नए नियम आज से लागू, काउंटर से टिकट लेने वालों को भी मिलेगा ₹10 लाख तक का बीमा; डिजिटल पेमेंट जरूरी