UBT नेता प्रियंका चतुर्वेदी (pic creditl; social media) 
महाराष्ट्र

प्रियंका चतुर्वेदी ने राहुल गांधी के आरोपों को माना सही, चुनाव आयोग से मांगा जवाब

Maharashtra News: शिवसेना (UBT) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने राहुल गांधी के आरोपों को सही बताया है। उन्होंने चुनाव आयोग से सवाल किया है कि क्या चुनाव आयोग भाजपा का प्रवक्ता बन गया है।

सोनाली चावरे

Priyanka Chaturvedi supports Rahul Gandhi: शिवसेना (UBT) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने शुक्रवार को मतदाता सूची में हेरफेर के गंभीर आरोप लगाए हैं। समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में कर्नाटक का उदाहरण देकर बताया कि किस तरह मतदाता सूची में नाम जोड़े और हटाए जा रहे हैं।

प्रियंका चतुर्वेदी ने महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए कहा कि एक ही कॉलेज कैंपस से 12-13 हजार वोटरों के नाम गलत तरीके से शामिल किए गए। जिनमें ज्यादातर दूसरे राज्यों के छात्र थे। उन्होंने इसे लोकतंत्र को कमजोर करने और मतदाताओं के अधिकारों का हनन करने वाला कदम बताया है, जिसे एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है।

क्या चुनाव आयोग भाजपा का प्रवक्ता बन गया है?

सांसद ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने लोकसभा चुनाव से पहले ‘एक राष्ट्र, एक पार्टी’ का नारा दिया था, जो पूरा नहीं हुआ। अब वे चुनाव आयोग के माध्यम से अपने एजेंडे को लागू करने की कोशिश कर रहे हैं। क्या चुनाव आयोग भाजपा का प्रवक्ता बन गया है? राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं, जिसका जवाब आयोग को देना चाहिए, न कि भाजपा के प्रवक्ताओं को।

भाजपा पार्टी ‘चोर की दाढ़ी में तिनका’

प्रियंका चतुर्वेदी ने संसद में इस मुद्दे पर चर्चा की जरूरत पर जोर दिया और कहा कि जनता की ओर से चुने गए प्रतिनिधियों को संसद में इस गंभीर मुद्दे पर बहस करने का अधिकार है। केंद्र सरकार की ओर से इस चर्चा को बाधित करने की कोशिश को उन्होंने ‘चोर की दाढ़ी में तिनका’ की कहावत से जोड़ा।

सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि चुनाव आयोग को यह स्पष्ट करना चाहिए कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया कैसे हो रही है। इसका फायदा किसे मिल रहा है। उन्होंने महाराष्ट्र में 48 लाख नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाने पर सवाल उठाया और पूछा कि क्या इतनी बड़ी संख्या में जनसंख्या अचानक बढ़ गई?

इसी तरह, बिहार में पांच महीने पहले हुए चुनावों में मतदाता सूची से नाम हटाए गए और कहा गया कि हर विधानसभा क्षेत्र में 5-6 हजार वोटों से जीत-हार तय होती है, ऐसे में मतदाता सूची से लोगों को हटाना एक सोची-समझी साजिश है।

(News Source-आईएएनएस)

नितिन नबीन की नई टीम का ऐलान, वसुंधरा राजे से लेकर स्मृति ईरानी तक...इन नेताओं को मिला बड़ी जिम्मेदारी

पीएम मोदी से मिले सीएम देवेंद्र फडणवीस, डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स और केंद्र-राज्य समन्वय पर हुई चर्चा

आज की ताजा खबर 17 अगस्त LIVE: आय से अधिक संपत्ति मामले में राहुल की अर्जी पर CBI-ED को SC का नोटिस

आंध्र प्रदेश को मिला एक और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, भोगापुरम एयरपोर्ट से आज रात से शुरू होंगी उड़ानें

राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, आय से अधिक संपत्ति मामले में CBI और ED की जांच पर लगी रोक