2024-25 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में मूंगफली का उत्पादन करीब 119.4 लाख टन रहा।
गुजरात की मंडियों में मूंगफली के भाव में 20 से 25 रुपये प्रति 20 किलो की तेजी बताई गई।
महाराष्ट्र में कीमतों पर असर आगे की आवक और मांग पर निर्भर करेगा।
Peanut Prices Rise In Gujarat Maharashtra: देश में अलनिनो के गंभीर प्रभाव के चलते कृषि क्षेत्र में हो रहे नुकसान का असर बाजार पर दिखाई पड़ रहा है।
उधर वैश्विक स्तर पर युद्धजन्य परिस्थितियों में भी व्यापार क्षेत्र ने जारी उठापटक से आटा, चावल, तेल आदि खाद्य वस्तुओं पर महंगाई की मार पड़ रही है।
देश में खाद्य तेल बड़े पैमाने पर आयात होता है,परंतु मूंगफली, सरसों, सूरजमुखी का उत्पादन बढ़ने से विदेशी खाद्य तेलों पर निर्भरता भी कम होती है।
एक आंकड़े के अनुसार भारत में हर साल लगभग 120 लाख टन मूंगफली का उत्पादन होता है। मूंगफली उत्पादक के रूप में गुजरात देश में पहले स्थान पर है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की 2024-25 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में मूंगफली का कुल उत्पादन लगभग 119.4 लाख टन रहा।
इनमें 52.2 लाख टन के साथ गुजरात प्रथम रहा। इस तरह देश में कुल मुंगफली उत्पादन का 43.7% प्रतिशत हिस्सा अकेले गुजरात का रहा। गुजरात के बाद राजस्थान, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु,उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र में मुख्य रूप से मुंगफली उगाई जाती है।
बताया गया कि दाना बनाने और क्रशिंग उद्योग की मांग से मूंगफली के भाव 20 से 25 रुपये प्रति 20 किलो तक उछले हैं। गुजरात में करीब 2.50 लाख बोरी की आवक हुई है। गुजरात में मूंगफली की बढ़ती मांग के चलते बाजार में तेजी का रुख देखने को मिल रहा है।
दाना बनाने वाले उद्योगों और क्रशिंग इकाइयों की ओर से मांग निकलने के कारण मूंगफली के भाव में 20 से 25 रुपये प्रति 20 किलो तक की वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि, दूसरी ओर प्रदेश की मंडियों में मूंगफली की आवक भी बड़े पैमाने पर हो रही है, जिससे बाजार में तेजी के साथ उपलब्धता का दबाव भी बना हुआ है।
इसका असर पड़ोस के राज्य महाराष्ट्र और मुंबई पर भी पड़ेगा। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के उपाध्यक्ष एवं ठाणे जिला होलसेल व्यापारी वेलफेयर महासंघ के अध्यक्ष सुरेशभाई ठक्कर ने बताया कि गुजरात में मूंगफली की मांग बढ़ने के साथ मूंगफली तेल के भाव में भी मजबूती आई है।
मूंगफली तेल लूज के भाव बढ़कर 1,725 से 1,750 रुपये प्रति 10 किलो तक पहुंच गए हैं। तेल बाजार में इस मजबूती से मूंगफली की कीमतों को भी समर्थन मिल रहा है। अब बाजार की अगली दिशा काफी हद तक आने वाले दिनों में मंडियों में होने वाली आवक पर निर्भर करेगी।
मंडियों के आंकड़ों के अनुसार, गोंडल में करीब 30,000 बोरी मूंगफली की आवक हुई। यहां औसत गुणवत्ता के भाव 1,370 से 1,620 रुपये तथा बेहतरीन गुणवत्ता के भाव 1,430 से 1,690 रुपये प्रति 20 किलो रहे। राजकोट मंडी में 14,000 बोरी की आवक के बीच औसत गुणवत्ता के भाव 1,110 से 1,610 रुपये और बेहतरीन गुणवत्ता के भाव 1,140 से 1,660 रुपये रहे।
हलवद में 21,054 बोरी की आवक के मुकाबले भाव 1,300 से 1,734 रुपये प्रति 20 किलो दर्ज किए गए। सौराष्ट्र की मंडियों में कुल आवक करीब 90,000 बोरी रही। उत्तर गुजरात की मंडियों में भी आवक मजबूत बनी हुई है। डीसा में 61,000 बोरी की आवक के साथ भाव 1,300 से 1,901 रुपये प्रति 20 किलो रहे।
हिम्मतनगर में 22,025 बोरी की आवक पर भाव 1,600 से 1,911 रुपये, पालनपुर में 28,198 बोरी की आवक पर 1,400 से 1,822 रुपये तथा पांथावाड़ा में 32,830 बोरी की आवक पर 1,300 से 1,851 रुपये रहे। अन्य मंडियों में करीब 16,000 बोरी की आवक के साथ उत्तर गुजरात की कुल आवक लगभग 1.60 लाख बोरी रही।
गुजरात में कुल आवक करीब 2.50 लाख बोरी के आसपास रहने के बावजूद औद्योगिक मांग और तेल के मजबूत भाव बाजार को सहारा दे रहे हैं। देशभर में मूंगफली की उपलब्धता और कीमतों का आकलन करते समय गुजरात की मंडियों की आवक, गुणवत्ता तथा तेल मिलों की खरीद पर नजर रखना जरूरी होगा।
यदि आवक लगातार बढ़ती है और मांग उसी अनुपात में नहीं बढ़ती, तो भाव पर दबाव आ सकता है। इसके विपरीत, मांग मजबूत रहने और आवक घटने की स्थिति में तेजी आगे भी जारी रह सकती है। महाराष्ट्र राज्य में सूखे की स्थिति के चलते कृषि उत्पादनों पर लगातार दबाव बढ़ रहा है,इससे मुंबई सहित अन्य छोटे बड़े शहरों में कीमतें भी बढ़ रहीं हैं।