108 पर कॉल और एंबुलेंस  (सोर्स: एआई फोटो)
परभणी

108 हेल्पलाइन पर 7 बार कॉल के बाद भी 2 घंटे नहीं पहुंची एंबुलेंस, गर्भवती मां ने तोड़ा दम; 5 पर मामला दर्ज

Parbhani Pregnant Woman Death: परभणी में 108 हेल्पलाइन पर 7 बार कॉल करने के बावजूद 2 घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंची, जिससे गर्भवती महिला और मासूम की मौत हो गई। लापरवाही पर 5 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज।

गोरक्ष पोफली

108 Ambulance Delay Pregnant Woman Death: महाराष्ट्र के परभणी जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने राज्य की चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। एक सात महीने की गर्भवती महिला और उसके गर्भ में पल रहे मासूम बच्चे की मौत सिर्फ इसलिए हो गई क्योंकि सरकार की तत्काल सेवा 108 एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंच सकी।

यह घटना प्रशासन की संवेदनहीनता और लापरवाही का एक खौफनाक उदाहरण बन गई है।

सांसों के लिए जद्दोजहद और सिस्टम की बेरुखी

मामला परभणी जिले के जिंतूर शहर के साठे नगर इलाके का है। यहां रहने वाली मरजीनाबी अमीन शेख सात महीने की गर्भवती थीं। 8 अगस्त को अचानक उनका ब्लड प्रेशर कम हो गया और उन्हें सांस लेने में भारी तकलीफ होने लगी। उन्हें तुरंत उपचार के लिए परभणी के जिला स्त्री अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए नांदेड रेफर करने की सलाह दी।

7 बार कॉल, 2 घंटे का लंबा इंतजार

मरीज की जान बचाने के लिए हर एक मिनट कीमती था। मरजीनाबी के पति, शेख अमीन शेख अयुब ने सरकारी आपातकालीन सेवा 108 एंबुलेंस के लिए हेल्पलाइन पर एक के बाद एक सात बार फोन किया। कॉल रिकॉर्ड्स और परिजनों के दावों के अनुसार, उन्होंने दो घंटे तक एंबुलेंस का बेसब्री से इंतजार किया, लेकिन मदद के लिए कोई वाहन नहीं पहुंचा। इस देरी के कारण समय पर इलाज न मिल पाने से पहले गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई और उसके बाद मां ने भी दम तोड़ दिया।

अस्पताल प्रशासन पर भी गंभीर आरोप

पीड़ित पति ने केवल एंबुलेंस सेवा ही नहीं, बल्कि अस्पताल प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। शेख अमीन का कहना है कि उनकी पत्नी की मौत के बाद अस्पताल के कर्मचारियों ने उन्हें बताए बिना शव को वहां से हटाकर दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया ताकि उन्हें गुमराह किया जा सके।

पुलिसिया कार्रवाई और राजनीतिक बवाल

इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे जिले में आक्रोश फैल गया है। परिजनों की शिकायत के आधार पर, कोतवाली पुलिस स्टेशन में एंबुलेंस चालक, उस पर तैनात डॉक्टर और जिला स्त्री अस्पताल के डॉक्टरों सहित कुल 5 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब कॉल रिकॉर्ड्स, एंबुलेंस की लोकेशन और देरी के कारणों की गहराई से जांच कर रही है।

रोहित पवार का तीखा हमला

इस घटना पर राजनीति भी गरमा गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस शरद पवार गुट के विधायक रोहित पवार ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था खुद वेंटिलेटर पर है। उन्होंने मुख्यमंत्री को घेरते हुए सवाल किया कि क्या सामान्य आदमी की जान की कोई कीमत नहीं है? उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि खुद को इन्फ्रामॅन कहने वालों को क्या स्वास्थ्य व्यवस्था की यह बदहाली दिखाई नहीं देती?

यह घटना एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि आखिर इस दोहरी मौत का जिम्मेदार कौन है? क्या 108 सेवा केवल विज्ञापनों के लिए है, या वाकई में आपातकाल में आम आदमी की मदद के लिए? फिलहाल, परभणी की यह घटना महाराष्ट्र की प्रगतिशील छवि पर एक गहरा दाग छोड़ गई है।

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