सातपाटी मत्स्य पालन बंदरगाह परियोजना (सौ. सोशल मीडिया )
Satpati Fishing Port Project News: महाराष्ट्र के पालघर जिले के सातपाटी गांव में को अत्याधुनिक सातपाटी मत्स्य बंदर विकास परियोजना का भूमिपूजन समारोह राज्य के मत्स्य व्यवसाय एवं बंदर मंत्री नितेश राणे के हाथों संपन्न हुआ।
करीब 350 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह बंदर पारंपरिक मछुआरों के लिए आधुनिक सुविधाओं और आर्थिक मजबूती का नया केंद्र बनेगा ऐसा मंत्री राणे ने कहा। इस अवसर पर राज्य के वन मंत्री एवं पालघर जिले के पालकमंत्री गणेश नाईक ने कहा कि सातपाटी बंदर का विकास केवल एक आधारभूत परियोजना नहीं, बल्कि पालघर जिले के आर्थिक परिवर्तन की मजबूत नींव साबित होगा।
महाराष्ट्र शासन और महाराष्ट्र मेरीटाइम बोर्ड के माध्यम से विकसित किए जा रहे इस प्रकल्प के तहत बंदर का गहरीकरण, आधुनिक जेट्टी, सुरक्षित नौकायन व्यवस्था, मछली प्रक्रिया केंद्र तथा पर्यटन को बढ़ावा देने वाली विभिन्न सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
पारंपरिक मछुआरों की आर्थिक समृद्धि का महामार्ग
- समारोह में सांसद डॉ हेमंत सावरा, विधायक राजेंद्र गावित, मनिषा चौधरी, राजन नाईक, विलास तरे, जिलाधिकारी डॉ। इंदु रानी जाखड़, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज रानडे, पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, मछुआरा संगठन पदाधिकारी और नागरिक उपस्थित रहे।
- मंत्री नितेश राणे ने सातपाटी बंदर परियोजना को "पारंपरिक मछुआरों की आर्थिक समृद्धि का महामार्ग" बताया। उन्होंने कहा कि अगले 24 महीनों में परियोजना का काम पूरा कर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों इसका उद्घाटन कराया जाएगा। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि परियोजना कार्य में किसी प्रकार की बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अवैध मछली पकड़ने पर कार्रवाई जारी
- मंत्री राणे ने कहा कि मत्स्य व्यवसाय को कृषि का दर्जा देने का निर्णय ऐतिहासिक साबित हुआ है। इसके चलते मछुआरों को किसान क्रेडिट कार्ड, नुकसान भरपाई तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य के मत्स्य व्यवसाय विभाग का बजट 212 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1240 करोड़ रुपये किया गया है।
- एलईडी मछली पकड़ने के खिलाफ सरकार की सख्त कार्रवाई का उल्लेख करते हुए मंत्री राणे ने कहा कि, पारंपरिक मछुआरों के हितों के खिलाफ जाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
- ड्रोन की मदद से अवैध मछली पकड़ने पर कार्रवाई जारी है और अब तक एक हजार से अधिक नौकाओं पर कार्रवाई की जा चुकी है, साथ ही मछुआरा संगठनों से एलईडी मछली पकड़ने वाली नौकाओं को डीजल आपूर्ति बंद करने की अपील भी की गई।