भैंस (सोर्स: सोशल मीडिया) 
पालघर

बीमा राशि नहीं मिली तो बैंक के गेट पर रखी मरी हुई भैंस, किसान के नाटकीय विरोध से मचा हड़कंप

Palghar News: पालघर में किसान ने मरी भैंस का शव बैंक के बाहर रखकर बीमा मुआवजा न मिलने पर विरोध किया। बैंक ने 31 दिन में भुगतान का आश्वासन दिया, तब जाकर प्रदर्शन समाप्त हुआ।

आकाश मसने

Palghar Farmer Buffalo Protest: महाराष्ट्र के पालघर जिले के तकपाडा गांव के एक पशुपालक किसान नवसु डीघा ने अपनी भैंस के शव को राष्ट्रीयकृत बैंक की मोखाडा शाखा के बाहर रखकर एक नाटकीय तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। शनिवार को हुए इस विरोध प्रदर्शन के चलते मौके पर भारी भीड़ एकत्र हो गई।

विरोध प्रदर्शन का एक वीडियो सोशल मीडिया मंच पर वायरल हो गया है, जिसमें मृत भैंस बैंक के प्रवेश द्वार के बाहर पड़ी दिख रही है। इन वीडियो के सामने आने के बाद बीमा दावों में होने वाली देरी को लेकर एक बड़ी बहस छिड़ गई है, जिससे किसान कर्ज और नुकसान से परेशान हैं।

किसान को नहीं मिला मुआवजा

डीघा ने दावा किया कि उन्होंने साल 2022 में बैंक की मोखाडा शाखा से 12 लाख रुपये का ऋण लेकर 10 दुधारू भैंसें खरीदी थीं। उनका दावा है कि जानवरों का बीमा कराने के बावजूद, उन्हें पिछले तीन वर्षों में मरी दो भैंसों के लिए कोई मुआवजा नहीं मिला।

ट्रैक्टर में भैंस का शव लेकर बैंक पहुंचा किसान

विरोध प्रदर्शन के दौरान, नवसु डीघा ट्रैक्टर पर मृत भैंस का शव लेकर पहुंचे और उसे स्थानीय बैंक शाखा के बाहर खड़ा कर दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि मेरी भैंसों का बीमा होने के बावजूद मुझे मुआवजे के रूप में एक रुपया भी नहीं मिला है। बैंक की लापरवाही के कारण हम किसानों को धोखा दिया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही पैसा नहीं दिया गया तो मैं मृत भैंस को यहीं छोड़ दूंगा। जब तक मुझे भुगतान नहीं होता तब तक बैंक इसे अपने पास रखे।

10 मिनट तक चला प्रदर्शन

इस विरोध प्रदर्शन में स्थानीय किसान नेता और राजनीतिक प्रतिनिधि भी शामिल हुए। मौके पर भीड़ को नियंत्रित करने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए तुरंत पुलिस को बुलाया गया। विरोध प्रदर्शन 10 मिनट तक चला।

बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने हस्तक्षेप किया और डीघा को लिखित आश्वासन दिया। बैंक ने यह आश्वासन दिया कि डीघा और अन्य प्रभावित किसानों को बीमा कंपनी के माध्यम से 31 दिनों के भीतर (एक महीने के अंदर) मुआवजे का भुगतान कर दिया जाएगा।

इस लिखित आश्वासन के बाद डीघा और अन्य किसानों ने विरोध प्रदर्शन स्थगित कर दिया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यदि वादा पूरा नहीं किया गया तो वे फिर से विरोध शुरू करेंगे। मोखाडा के सहायक पुलिस निरीक्षक प्रेमनाथ ढोले ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि बैंक द्वारा लिखित आश्वासन देने के बाद मामला शांत हो गया और किसान अपनी मृत भैंस के साथ वापस चला गया।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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