पालघर जिले के नालासोपारा में नवरात्रि के पहले दिन दो गुटों में झड़प।
पथराव और मारपीट में करीब 10 लोग घायल हुए।
अछोले मित्र मंडल सदस्यों ने 10-15 लोगों पर हमले का आरोप लगाया।
वहीं दूसरे पक्ष का कहना है कि पंडाल के रास्ते में जगह न होने से हुआ विवाद।
Nalasopara Navratri Pandal Clash: महाराष्ट्र के पालघर जिले से सटे नालासोपारा पूर्व के तुलिंज पुलिस स्टेशन क्षेत्र अंतर्गत आने वाले संतोष भवन के शर्मावाड़ी में रविवार रात नवरात्रि के पावन पर्व के दौरान दो गुटों के बीच भीषण हिंसक झड़प हो गई। अछोले मित्र नवदुर्गा उत्सव मंडल के पास हुई इस घटना में 10 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सड़क को लेकर मामूली विवाद से शुरू हुआ यह मामला देखते ही देखते लाठी-डंडों, बांस और पथराव में तब्दील हो गया। इस घटना के बाद से इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।
मिली जानकारी के मुताबिक, घटना नालासोपारा के अछोले इलाके की है जहां अछोले मित्र मंडल द्वारा नवरात्रि उत्सव का आयोजन किया जा रहा था। बहस की शुरुआत एक संकरी सड़क से निकलने को लेकर हुई। कृष्णा नाम का एक युवक अपने दोपहिया वाहन से जा रहा था, तभी एक टेम्पो चालक के साथ उसकी रास्ते को लेकर बहस हो गई।
आरोप है कि बहस के दौरान मंडल के कुछ सदस्यों ने हस्तक्षेप किया और कृष्णा के साथ मारपीट की, जिसके बाद उसे वहां से भगा दिया गया। कुछ ही देर बाद कृष्णा अपने कई समर्थकों को लेकर मौके पर लौटा और इसके बाद दोनों पक्षों के बीच खूनी संघर्ष शुरू हो गया।
देखते ही देखते दोनों गुट आमने-सामने आ गए। दोनों तरफ से एक-दूसरे पर लाठी-डंडों और बांस की छड़ों से हमला किया गया और जमकर पत्थरबाजी हुई।
अछोले मित्र मंडल के घायल सदस्य विशाल सिंह ने आरोप लगाया कि शुरुआती कहासुनी के बाद कृष्णा 10 से 15 लोगों के साथ डंडे और बांस लेकर वापस आया। उन लोगों ने हम पर पथराव किया और इस दौरान मंडल में स्थापित देवी की मूर्ति को भी नुकसान पहुंचाया।
वहीं, इस झड़प में घायल हुई एक महिला ने आपबीती सुनाते हुए दावा किया कि मौके पर अचानक 50 से 60 लोगों की भीड़ पहुंच गई। महिला का कहना है कि जब वह सड़क पर खड़ी थी, तभी भीड़ ने उस पर भी हमला कर दिया।
दूसरी ओर नालासोपारा इलाके में हुए विवाद को लेकर, कृष्णा के दोस्त होने का दावा करने वाले शिव यादव ने मंडल सदस्यों के दावों को खारिज करते हुए अलग कहानी बताई है। यादव का कहना है कि आयोजकों ने संकरी सड़क पर आने-जाने के लिए पर्याप्त जगह नहीं छोड़ी थी।
उन्होंने बताया, "मेरा दोस्त कृष्णा अपनी बाइक से जा रहा था। रास्ता संकरा होने के कारण टेम्पो ड्राइवर से उसकी बहस हो गई थी। इसके बाद मंडल के सदस्यों ने कृष्णा के साथ मारपीट की। जब हम इस बात का जवाब मांगने और उनसे बात करने गए, तो विवाद बढ़ गया।"
घटना की सूचना मिलते ही पालघर जिले की तुलिंज पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। घायलों को तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहाँ उनका इलाज चल रहा है।
पुलिस ने दोनों पक्षों के बयानों और प्राथमिक सबूतों के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। आसपास के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि हिंसा भड़काने वाले मुख्य आरोपियों की पहचान की जा सके और कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके।