Bullet Train (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया) 
पालघर

महाराष्ट्र में बुलेट ट्रेन को मिली रफ्तार, पालघर की पहाड़ी को चीरकर निकली सुरंग

Palghar Tunnel Breakthrough: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत महाराष्ट्र के पालघर जिले में 417 मीटर लंबी पर्वतीय सुरंग का सफल ब्रेकथ्रू पूरा हो गया है।

आंचल लोखंडे

Mumbai Ahmedabad Bullet Train: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना को महाराष्ट्र में एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पालघर जिले के डहाणू तहसील स्थित अंबेसरी गांव के पास 417 मीटर लंबी पर्वतीय सुरंग का ब्रेकथ्रू सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इसके साथ ही वापी और बोईसर स्टेशन के बीच स्थित सभी तीन पर्वतीय सुरंगों का उत्खनन कार्य पूर्ण हो गया है। खास बात यह है कि पिछले पांच महीनों में महाराष्ट्र में तीन पर्वतीय सुरंगों का निर्माण पूरा हुआ है, जिसे परियोजना के सबसे जटिल हिस्सों में तेज प्रगति का संकेत माना जा रहा है।

अत्याधुनिक तकनीक और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पूरा किया गया यह कार्य बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के निर्माण को नई गति देने वाला साबित होगा। राष्ट्रीय हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अनुसार यह सुरंग 417 मीटर लंबी और 14.4 मीटर चौड़ी है। इसे बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के अप और डाउन दोनों ट्रैक के लिए तैयार किया गया है। सुरंग का निर्माण नियंत्रित ड्रिलिंग और ब्लास्टिंग तकनीक की मदद से दोनों छोर से किया गया। निर्माण के दौरान सुरक्षा और गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई।

417 मीटर लंबी टनल का ब्रेकथ्रू सफल

सुरंग की स्थिरता, कंपन और आसपास की संरचनाओं पर पड़ने वाले प्रभाव की निगरानी के लिए अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया। इसके लिए सरफेस सेटलमेंट पॉइंट्स, 3डी टार्गेट्स, स्ट्रेन गेज और सिस्मोग्राफ जैसे रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम लगाए गए थे। सुरंग में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा के लिए वेंटिलेशन सिस्टम, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, नियंत्रित प्रवेश प्रणाली और लगातार भू-तकनीकी निगरानी की व्यवस्था की गई थी। अधिकारियों का कहना है कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद यह कार्य तय समय के भीतर सफलतापूर्वक पूरा किया गया।

आठ में से सात सुरंगें महाराष्ट्र में

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में कुल आठ पर्वतीय सुरंगें बनाई जा रही हैं। इनमें से सात महाराष्ट्र के पालघर जिले में और एक गुजरात के वलसाड जिले में स्थित है। अब तक 350 मीटर का एमटी-08, 417 मीटर का एमटी-07, 454 मीटर का एमटी-06 और 1.5 किलोमीटर एमटी-05 का ब्रेकथ्रू पूरा हो चुका है। वहीं एमटी-04 में लगभग 60 प्रतिशत और एमटी-03 में 80 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है। एमटी-02 और एमटी-01 पर भी तेजी से काम चल रहा है।

वापी-बोईसर खंड में बड़ी उपलब्धि

परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक यह है कि वापी और बोईसर स्टेशन के बीच स्थित सभी तीन पर्वतीय सुरंगों का उत्खनन अब पूरा हो चुका है। यह खंड महाराष्ट्र और गुजरात के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ता है, इसलिए इसे परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। अधिकारियों के अनुसार पिछले पांच महीनों में तीन पर्वतीय सुरंगों का पूरा होना इस जटिल खंड में निर्माण कार्य की गति को दर्शाता है। इससे परियोजना के अन्य हिस्सों में भी निर्माण कार्य को तेजी मिलेगी।

तेजी से आगे बढ़ रहा निर्माण

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना देश की पहली हाई-स्पीड रेल परियोजना है। परियोजना के विभिन्न हिस्सों में निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और कई महत्वपूर्ण संरचनाएं निर्धारित समयसीमा के अनुसार पूरी की जा रही हैं। पालघर में तीसरी पर्वतीय सुरंग का ब्रेकथ्रू पूरा होना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

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