Maharashtra weather update: वसई-विरार क्षेत्र में मंगलवार को जारी मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। जुलाई की भयंकर बारिश की मार से लोग अभी उबर भी नहीं पाए थे कि अगस्त की इस बारिश ने वसई-विरार शहर महानगरपालिका के जलनिकासी के तमाम दावों की पोल खोलकर रख दी है।
नालासोपारा से लेकर विरार तक मुख्य सड़कों पर बाढ़ जैसा नजारा है, जिससे दफ्तर जाने वाले नौकरीपेशा लोगों, व्यवसायियों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे चिंताजनक और खौफनाक तस्वीर विरार (पश्चिम) स्थित विवा कॉलेज परिसर से सामने आई है। यहां मुख्य सड़क पर एक से डेढ़ फीट तक पानी भरा हुआ है। इसी जलजमाव के बीच से होकर मासूम स्कूली बच्चों को गुजरना पड़ रहा है।
अचानक शुरू हुई बारिश से बिना छाते-रेनकोट निकले यात्रियों में भगदड़ मच गई। लोगों ने दुकानों, बस स्टैंडों और रेलवे स्टेशनों के शेड में शरण ली।
भारी बारिश का असर लोकल ट्रेन सेवाओं पर भी पड़ा, जहां अप और डाउन दोनों रूटों की गाड़ियां 10 से 15 मिनट की देरी से चलीं।
पानी में डूबी सड़कों पर खुले गटर और मैनहोल दिखाई नहीं दे रहे हैं, जिससे हर पल किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। स्थानीय निवासियों का सीधा आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद पालिका प्रशासन गहरी नींद में सो रहा है। नालासोपारा पूर्व के कई हिस्सों में स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। सड़कों पर तेज बहाव के साथ बह रहे पानी के कारण निचले इलाकों के मकानों और दुकानों में पानी घुस गया है, जिससे व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ है।
नालासोपारा स्टेशन (पूर्व) की मुख्य सड़क और गाला नगर रोड पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। सेंट्रल पार्क रोड और तुलिंज फ्लाई-ओवर के नीचे गहरा पानी जमा होने से वाहनों के पहिए पूरी तरह थम गए। जलभराव के कारण ऑटो चालकों ने सवारियां ले जाने से हाथ खड़े कर दिए, जिससे यात्रियों को मजबूरी में पैदल ही जलजमाव से जूझना पड़ा