नासिक : पिछले कई दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण नासिक में टमाटर और प्याज की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। लगातार बारिश से खेतों में पानी जमा होने से प्याज की फसल खराब होने लगी है। इससे 30 से 50 प्रतिशत फसल के नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। वहीं टमाटर की कटाई के लिए तैयार फसल भी बारिश की भेंट चढ़ गई। फसलों को हुए भारी नुकसान को देखते हुए यहां के किसानों ने उनकी फसलों का पंचनामा कर मुआवजा देने की मांग की है जिससे वे इस नुकसान से उबर पाएं
नासिक जिले में 8 महीने की खेती होने के कारण किसान लाल प्याज की फसल पर निर्भर रहते हैं। इसके केवल एक तहसील में 8 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में लाल प्याज की बुआई की गई है। लेकिन बारिश के कारण प्याज की फसल बर्बाद होने की कगार पर है जिसके कारण किसानों ने क्षति का जल्द से जल्द मूल्यांकन कर मुआवजा देने की प्रशासन से मांग की है।
बारिश के कारण लेट खरीफ प्याज की बुआई भी 12,000 हेक्टेयर से अधिक हो गई है। लगाई गई प्याज और रोपों को लगातार बारिश का सामना करना पड़ रहा है। खेतों में पानी जमा हो रहा है, जिससे प्याज की जड़ें सड़ रही हैं और पत्ते पीले पड़ रहे हैं। इस मौसम में प्याज के पौधों की यही स्थिति है, जिससे बुआई के लिए पौधे उपलब्ध नहीं होने का डर है। वहीं बारिश के कारण मक्के, कपास और सोयाबीन की फसल को भी नुकसान पहुंच रहा है।
नासिक के मखमलाबाद और म्हसरूल क्षेत्रों में पिछले 4 दिनों से हो रही भारी बारिश से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। 2 दिनों से तेज़ बारिश और वज्रपात ने खरीफ फसलों को तबाह कर दिया है। इन क्षेत्रों में टमाटर की फसलें सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं। खेत तालाब में बदल गए हैं। पिंगले मल्ला, दराडे मल्ला, सुलवाडी, मातोरी आदि क्षेत्रों में भारी बारिश से व्यापक नुकसान हुआ है, जिससे स्थानीय किसान चिंतित हैं। यहां के किसानों के मुताबिक टमाटर की फसल काटने के लिए तैयार थी, लेकिन बारिश ने सब कुछ बर्बाद कर दिया।
मखमलाबाद क्षेत्र में टमाटर और अन्य फसलों को हुए भारी नुकसान को देखते हुए यहां के किसानों ने उनकी फसलों का पंचनामा कर मुआवजा देने की मांग की है जिससे वे इस नुकसान से उबर पाएं। बारिश के कारण किसानों को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। यहां प्रत्येक किसान द्वारा 1-2 एकड़ में टमाटर की फसल लगाई गई थी जो कटाई से पहले ही लगातार हो रही बारिश से बर्बाद हो गई है।