नितेश राणे (सोर्स: सोशल मीडिया) 
महाराष्ट्र

'हिंदू विरोधी और जिहादी सोच...', नितेश राणे का राज-उद्धव पर तीखा प्रहार

महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने मुंबई में ठाकरे बंधुओं की संयुक्त रैली को लेकर जमकरन निशाना साधा। उन्होंने इस रैली को 'हिंदू विरोधी' और जिहादी सोच से प्रेरित करार दिया।

आकाश मसने

मुंबई: मुंबई में उद्धव और राज ठाकरे की संयुक्त रैली के बाद उनके राजनीतिक विरोधियों ने हमला करना शुरू दिया है। राज्य में राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है। महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने भी ठाकरे के रैली के बाद उन पर निशाना साधा है। राणे ने आरोप लगाया कि उद्धव और राज की इस संयुक्त रैली का उद्देश्य समाज को बांटना और राज्य को कमजोर करना है।

महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने मुंबई में उद्धव और राज ठाकरे की संयुक्त रैली को लेकर शनिवार को उन पर निशाना साधते हुए कहा कहा कि यह रैली 'हिंदू विरोधी' और जिहादी सोच से प्रेरित है।

दो दशक के बाद उद्धव और राज ने शनिवार को सार्वजनिक मंच साझा किया और ‘आवाज मराठीचा' नामक विजय सभा का आयोजन किया। इसका उद्देश्य राज्य के स्कूलों में कक्षा एक से तीसरी भाषा के रूप में हिंदी को शामिल करने संबंधी सरकार द्वारा पहले जारी किए गए दो सरकारी आदेशों को वापस लेने का जश्न मनाना था।

'ये लोग समाज को बांटने का काम कर रहे हैं'

मंत्री नितेश राणे ने इस रैली से एक दिन पहले शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा था कि हम हिंदू हैं और मराठी होने पर गर्व करते हैं। जिस तरह से जिहादी हमारे समाज को बांटने की कोशिश करते हैं, ये लोग भी वैसा ही कर रहे हैं। राणे ने कहा कि चाहे वह हिंदू राष्ट्र के विचार के खिलाफ काम करने वाले प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) हो या स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (SIMI), ये दोनों कोई अलग नहीं हैं। ये लोग महाराष्ट्र को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।

नितेश राणे ने ठाकरे बंधुओं की संयुक्त रैली पर साधा निशाना

भाजपा नेता नितेश राणे ने ठाकरे बंधुओं की संयुक्त रैली पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ली की सभा का उद्देश्य हिंदुओं और मराठी लोगों को बांटना है। इसकी तुलना ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM), पीएफआई या सिमी की रैलियों से की जा सकती है। इससे राज्य में हिंदुओं को सबसे ज्यादा नुकसान होगा। रैली के बाद नल बाजार (मुंबई का एक मुस्लिम बहुल क्षेत्र) में मिठाई बांटी जाएगी और पटाखे फोड़े जाएंगे। उद्धव-राज एकसाथ: मराठी अस्मिता के बहाने राजनीतिक अस्तित्व बचाने की तैयारी

क्या बोले मुनगंटीवार?

हालांकि, भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने ठाकरे बंधुओं की रैली को लेकर अलग विचार व्यक्त किए। मुनगंटीवार ने कहा कि अगर राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे साथ आ रहे हैं तो यह अच्छी बात है। उन्हें हमारी शुभकामनाएं हैं। दोनों भाइयों को एक होना चाहिए और एक रहना चाहिए। यदि आवश्यक हो तो दोनों पक्षों को विलय पर भी विचार करना चाहिए।

Weather Alert: पूर्वी भारत में बारिश का रौद्र रूप, ओडिशा में रेड अलर्ट, बिहार-UP में भी आफत

धर्म अलग हो सकते हैं लेकिन मानवता एक है, न्यूयॉर्क में मोहन भागवत का बड़ा बयान, बोले- हम और हमारा ही समाधान

हैदराबाद में सजेगा गोल्फ का बड़ा मुकाबला, 1 सितंबर से तेलंगाना गोलकोंडा मास्टर्स में उतरेंगे 132 गोल्फर

तुकाराम मुंढे बनें मुख्यमंत्री... अमित शाह को दिया लेटर, राजनीति में कदम रखेंगे महाराष्ट्र के सिंघम?

आरक्षण पर NDA में संग्राम! चिराग पासवान की मांग पर भड़के जीतन राम मांझी, बोले- वो गरीबों को देखना नहीं चाहते