नवी मुंबई ज़ीरो वेस्ट मॉडल (सौ. सोशल मीडिया ) 
महाराष्ट्र

नवी मुंबई का ‘जीरो वेस्ट स्लम’ मॉडल बना महिलाओं का सहारा, 50 महिलाओं को मिला रोजगार

Navi Mumbai Zero Waste Slum News: नवी मुंबई मनपा का ‘जीरो वेस्ट स्लम’ मॉडल बेसहारा महिलाओं के लिए रोजगार का बड़ा माध्यम बन गया है। इस पहल से महिलाओं की आय बढ़ रही है।

अपूर्वा नायक

Navi Mumbai Zero Waste Slum Model: नवी मुंबई मनपा का लागू किया गया 'जीरो वेस्ट स्लम' मॉडल आजकल बेसहारा महिलाओं के लिए बहुत बड़ा सहारा साबित हो रहा है।

महिला कचरा इकट्ठा करने वालों को मजबूत बनाने और कचरे को वहीं प्रोसेस करने के मकसद से शुरू किया गया यह प्रोजेक्ट सामाजिक और आर्थिक रूप से असरदार साबित हो रहा है।

ये सेंटर स्लम इलाकों में पांच जगहों पर शुरू किए गए हैं, और हर जगह कुल 10 लोग, नौ महिलाएं और एक सुपरवाइजर काम कर रहे हैं। इससे लगभग 50 महिलाओं को नियमित रोजगार मिला है। इससे महिलाओं की इनकम बढ़ रही है और उनका विश्वास भी मजबूत हो रहा है।

शहर में सूखे और गीले कचरे को किया जाता है अलग

इस प्रोजेक्ट के तहत महिलाएं उन इलाकों में घर-घर जाकर कचरा इकट्ठा करती हैं, जहां कचरा उठाने वाले वाहन नहीं पहुंच पाते हैं। इकट्ठा किए गए गोले और सूखे कचरे को अलग किया जाता है और गीले कचरे से खाद बनाई जाती है। एक सेंटर में हर दिन लगभग दो हजार घरों से 1.8 मीट्रिक टन कचरा इकट्ठा किया जाता है।

इस प्रोसेस्ड कचरे की बिक्री से होने वाली इनकम का इस्तेमाल महिला सेल्फ हेल्प ग्रुप के जरिए उनके बच्चों की पढ़ाई के लिए किया जा रहा है। इस पहल से नगर पालिका का खर्च भी काफी हद तक कम हो गया है।

पहले दो हजार घरों से कचरा इकट्ठा करने का खर्च 1.32 लाख रुपये था, जो अब घटकर 65 हजार रुपये हो गया है। इससे हर महीने लगभग 51 हजार रुपये की बचत हो रही है। अभी यह प्रोजेक्ट ऐरोली, दीघा, तुर्भे और कोपरखैरने इलाकों में सफलतापूर्वक चल रहा है और इसे लोगों से अच्छा रिस्पॉन्स भी मिल रहा है।

जीरो वेस्ट स्लम मॉडल को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है, और इससे महिलाओं को रोजगार और नगर पालिका को बचत दोनों मिल रही है। इसके माध्यम से अन्य कार्य किए जा रहे हैं।

- डॉ। अजय गाडे, उपायुक्त, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन

रोजगार और पैसे की बचत

इस प्रोजेक्ट से 50 बेसहारा महिलाओं को नियमित काम मिला है। वेस्ट मैनेजमेंट प्रोसेस में हिस्सा लेकर वे पैसे की आजादी पा रही हैं और अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने में मदद कर रही है। लोकल स्तर पर कचरे को प्रोसेस करने से ट्रांसपोर्टेशन और इकट्ठा करने का खर्च कम हो गया है। इस वजह से नगर पालिका हर महीने लगभग 51 हजार रुपये बचा

आज की ताजा खबर 10 अगस्त: एक क्लिक में पढ़ें देश-दुनिया की सभी बड़ी खबरें

जब सुप्रिया सुले की बेटी के रिसेप्शन में आमने-सामने आए अमित शाह और राहुल गांधी, VIDEO में देखें आगे क्या हुआ?

सौरव गांगुली को जान से मारने की धमकी, CAB ऑफिस में लेटर मिलने से हड़कंप, पत्नी डोना और स्टाफ का भी जिक्र

दिल्ली में रेवती सुले और सारंग के रिसेप्शन में एक साथ पहुंचे राहुल, प्रियंका और सोनिया गांधी, देखें VIDEO

Delhi AAP Protest: 4200 की साइकिल 6957 में क्यों? AAP ने दिल्ली सरकार पर उठाए सवाल, 90 करोड़ के घोटाले का आरोप