Winchur Ayurvedic Hospital: विंचूर स्थित सरकारी आयुर्वेदिक अस्पताल में मरीजों को सरेआम एक्सपायरी (कालबाह्य) दवाएं वितरित करने का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना ने स्थानीय स्वास्थ्य प्रणाली की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा कर दिया है।
स्थानीय निवासी योगेश सोनवणे तीन-चार दिन पहले मतली और दस्त की शिकायत के चलते उपचार के लिए अस्पताल गए। वहां उन्हें ओ.आर.एस. के पैकेट दिए गए, जिनकी जांच करने पर पाया गया कि वे दिसंबर 2025 तक ही वैध थे। मरीजों की जान जोखिम में डालने वाली इस लापरवाही ने निफाड तहसील के स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
इस अस्पताल में पिछले कई दिनों से कोई भी चिकित्सा अधिकारी नियमित रूप से उपस्थित नहीं है। 15 हजार से अधिक जनसंख्या वाले विंचूर और आसपास के कई क्षेत्रों के लिए यह एकमात्र सरकारी उपचार केंद्र है। राजमार्ग के समीप होने के कारण यहां बड़ी संख्या में मरीज आते हैं, लेकिन डॉक्टरों की अनुपस्थिति और दवाओं की कमी के कारण उन्हें निजी मेडिकल स्टोर का सहारा लेना पड़ता है।
एक्सपायरी दवाएं वितरित होने के बाद स्थानीय नागरिकों ने स्वास्थ्य विभाग से तत्काल गहन जांच कराने और संबंधित चिकित्सा अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। इसके साथ ही अस्पताल में स्थायी डॉक्टर तैनात करने और दवाओं के नियमित स्टॉक की उपलब्धता सुनिश्चित करने की भी अपील की गई है।