उन्नत नासिक अभियान, हरित कुंभ, गिरीश महाजन,(सोर्स: नवभारत डिजाइन फोटो) 
नासिक

उन्नत नासिक अभियान का चौथा चरण आज: दरी और शिवनई परिसर को देसी वृक्षों से समृद्ध करने की तैयारी!

Nashik Green Campaign: उन्नत नासिक अभियान के चौथे चरण में 'हरित कुंभ' के तहत दरी और शिवनई क्षेत्र में देसी वृक्ष लगाए जाएंगे। अभियान का उद्देश्य नासिक को स्वच्छ, सुंदर और हरित बनाना है।

अंकिता पटेल

Unnat Nashik Harit Kumbh: नासिक को 'स्वच्छ, सुंदर और हरित शहर' बनाने के संकल्प के साथ 'उन्नत नासिक अभियान' का कारवां लगातार आगे बढ़ रहा है। जल संसाधन और आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे इस अभियान के चौथे चरण का आयोजन आज, रविवार 19 जुलाई को किया गया है। इस बार 'हरित कुंभ' के तहत दरी और शिवनई परिसर को देसी वृक्षों से समृद्ध करने की तैयारी है।

वृक्षारोपण कार्यक्रम का विवरण

चौथे चरण के तहत आज दो प्रमुख स्थानों पर सघन वृक्षारोपण किया जाएगा- सुबह 9:00 बजेः दरी स्थित दरियाई माता देवस्थान परिसर में पौधारोपण। सुबह 10:30 बजेः सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय के शिवनई स्थित नासिक उपकेंद्र परिसर में विशेष पौधारोपण।

प्रकृति और शिक्षा का मिलन

इस अनूठे उपक्रम की मुख्य भावना शिक्षा और पर्यावरण का समन्वय है। इस परिसर में विश्वविद्यालय के कुलपति और शिक्षा जगत की कई जानी-मानी हस्तियां उपस्थित रहेंगी। आने वाले समय में जहां हजारों विद्यार्थी ज्ञान अर्जित करेंगे, उस परिसर को प्रकृति की छांव से समृद्ध करने का यह प्रयास एक मिसाल बनेगा।

अब तक का सफल सफर

'मिशन ग्रीन मानसून' ने कम समय में ही पर्यावरण संरक्षण के बड़े लक्ष्य हासिल किए हैं- प्रथम चरण (28 जून): सातपुर के देवराई परिसर और शिंदे ग्राम पंचायत से अभियान की शानदार शुरुआत हुई। द्वितीय चरणः म्हसरूल के पीकॉक गार्डन और त्र्यंबकेश्वर रोड स्थित ग्रेप काउंटी परिसर में लगभग 6000 पौधों का रोपण। तृतीय चरणः नंदिनी नदी के दोनों तटों पर 6000 देसी पौधे लगाकर नदी को 'हरित सुरक्षा कवच' प्रदान किया गया।

देसी पौधों का महत्व

इस अभियान में केवल देसी प्रजाति के पौधों को ही प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि वे स्थानीय जलवायु में आसानी से पनप सकें और जैव विविधता को बढ़ावा मिले, वृक्षारोपण को केवल एक आयोजन न मानकर इसे 'संस्कार' के रूप में देखा जा रहा है। विद्यार्थियों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाना इस अभियान का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।

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