मालेगांव में आदिवासियों का हल्लाबोल आंदोलन, बुनियादी सुविधाओं की मांग पर निकाला मोर्चा 
नासिक

मालेगांव में आदिवासियों का हल्लाबोल आंदोलन, बुनियादी सुविधाओं की मांग पर निकाला मोर्चा

Malegaon Protest: मालेगांव में आदिवासी समुदाय ने बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर मोर्चा निकाला। प्रशासन ने 25 सितंबर को दौरे का लिखित आश्वासन दिया, आंदोलन फिलहाल स्थगित।

अर्पित शुक्ला

Malegaon News: मालदे वाघवाडी बस्ती के आदिवासी भाईयों ने अपनी बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर सोमवार 22 सितंबर को मालेगांव मनपा पर जोरदार मोर्चा निकाला। शेखर पगार के नेतृत्व में सरदार टॉकीज से निकला यह मोर्चा ढोल-ताशों के गजर के साथ आयुक्त कार्यालय पहुंचा। अचानक हुए इस मोर्चे से प्रशासन में हडकंप मच गया।

मोर्चे में शामिल लोगों ने पीने का पानी, बिजली, सडक, राशन कार्ड, जाति प्रमाणपत्र और आवास जैसी आवश्यक सुविधाओं की मांग रखी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो वे चरम कदम उठाएंगे और इमारत से कूदकर आत्महत्या करने जैसे कदम पर मजबूर होंगे। स्थिति गंभीर होते देख उपआयुक्तों ने आंदोलनकारियों से मुलाकात की और 25 सितंबर को संबंधित अधिकारी मालदे वाघवाड़ी बस्ती का प्रत्यक्ष दौरा करेंगे, ऐसा लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद आंदोलन अस्थायी रूप से स्थगित किया गया।

इस आंदोलन में सुभाष वाघ, शेखर बालासाहेब पगार, योगेश गर्दे, कृष्णा दुबकार, अनिल जाधव, उखा सोनवणे, निलेश सोनवणे समेत बडी संख्या में आदिवासी बांधव उपस्थित थे। उन्होंने अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रखीं और न्याय की मांग की। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आगामी 29 सितंबर को महानगरपालिका कार्यालय में बिराड आंदोलन छेडा जाएगा।

मुख्य समस्याएं

पानी संकट : स्वच्छ पेयजल की सुविधा न होने से नागरिक दूषित पानी पीने को मजबूर हैं, जिसके कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं।

बिजली और सड़क समस्या : बिजली की सुविधा न होने से लोग अंधेरे में जीवन जी रहे हैं। वहीं, सड़क न होने से आवागमन में भारी दिक्कतें हैं।

राशन कार्ड और जाति प्रमाणपत्र : कई वर्षों से आवेदन करने के बावजूद नागरिकों को राशन कार्ड और जाति प्रमाणपत्र नहीं मिले हैं, जिससे आजीविका पर संकट गहराया है।

सुरक्षा प्रश्न : चोरों द्वारा लूटपाट और नागरिकों पर हमले की घटनाएं लगातार हो रही हैं, जिससे लोगों में असुरक्षा का माहौल है।

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